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कृषि कानूनों की वापसी पर आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लग सकती है मुहर, तैयारी में जुट गया है मंत्रालय

उधर, केंद्रीय परिवहन एवं सड़क राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने अपने बयान में किसानों के जारी आंदोलन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि तीनों कृषि कानूनों की वापसी के ऐलान के बाद किसानों का आंदोलन जारी रखना समझ से परे है.

By Prabhat khabar Digital
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सिंघु बॉर्डर पर तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करती पंजाब के बटाला की 65 वर्षीय बलजिंदर कौर.
सिंघु बॉर्डर पर तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करती पंजाब के बटाला की 65 वर्षीय बलजिंदर कौर.
फोटो साभार : अल-जजीरा.

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से तीनों कृषि कानूनों की वापसी करने के मसले पर आज बुधवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मुहर लगाई जा सकती है. केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मीडिया को बताया कि तीनों कृषि कानूनों की वापसी पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला किया जा सकता है.

उन्होंने यह भी कहा कि कृषि मंत्रालय इसकी तैयारी में जुट गया है. इसके साथ ही, इस मसले पर संसद में चर्चा के लिए तारीख भी जल्द ही तय कर दी जाएगी. कानूनों की वापसी पर मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला होने के बाद 29 नवंबर से होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में चर्चा के लिए इसे सदन के पटल पर रखा जाएगा.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते शुक्रवार 19 नवंबर 2021 को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में संसद से पास तीनों कृषि कानूनों की वापसी करने का ऐलान किया था. अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा' 'ये तीनों कृषि कानून किसानों के हित में थे, लेकिन इनकी कानूनों की महत्ता किसानों को समझाने में हम विफल रहे, इसलिए ये तीनों कानून वापस लिये जा रहे हैं.'

जनरल वीके सिंह ने किसानों पर किया कटाक्ष

उधर, केंद्रीय परिवहन एवं सड़क राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने अपने बयान में किसानों के जारी आंदोलन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि तीनों कृषि कानूनों की वापसी के ऐलान के बाद किसानों का आंदोलन जारी रखना समझ से परे है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने ऐलान करके किसानों का सम्मान रखा है और सरकार में कोई भी कानून पहली बार वापस लिया गया है. इसके बावजूद किसानों का आंदोलन जारी रखना समझ से परे है.

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