तबलीगी मामला : सुप्रीम कोर्ट ने कहा हाल के दिनों में अभिव्यक्ति की आजादी का सबसे अधिक दुरुपयोग हुआ
Author : Agency Published by : Prabhat Khabar Updated At : 08 Oct 2020 4:24 PM
: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि हाल के दिनों में बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का 'सबसे अधिक दुरुपयोग' हुआ है.
नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि हाल के दिनों में बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का ‘सबसे अधिक दुरुपयोग’ हुआ है. प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह तल्ख टिप्पणी की.
इन याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि कोविड-19 के दौरान हुए तबलीगी जमात के कार्यक्रम पर मीडिया का एक वर्ग सांप्रदायिक विद्वेष फैला रहा था. पीठ ने इस मुद्दे पर केंद्र के ‘कपटपूर्ण’ हलफनामे के लिए उसकी खिंचाई की. न्यायालय ने कहा कि हाल के दिनों में बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का ‘सबसे अधिक दुरुपयोग’ हुआ है.
पीठ ने यह टिप्पणी उस वक्त की, जब जमात की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने कहा कि केंद्र ने अपने हलफनामे में कहा है कि याचिकाकर्ता बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलना चाहते हैं. इस पर पीठ ने कहा, ”वे अपने हलफनामे में कुछ भी कहने के लिए स्वतंत्र हैं, जैसे की आप जो चाहें वह तर्क देने के लिए स्वतंत्र है.”
पीठ इस बात से नाराज हो गयी कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव के बजाए एक अतिरिक्त सचिव ने हलफनामा दाखिल किया, जिसमें तबलीगी जमात मामले में मीडिया रिपोर्टिंग के संबंध में ‘गैरजरूरी’ और ‘अतर्कसंगत’ बातें लिखी हैं. पीठ ने कहा, ”आप इस न्यायालय के साथ ऐसा सुलूक नहीं कर सकते, जिस तरह से आप इस मामले में कर रहे हैं.”
न्यायालय ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव को इस तरह के मामलों में मीडिया की अभिप्रेरित रिपोर्टिंग को रोकने के लिए पूर्व में उठाये गये कदमों का विस्तृत ब्योरा देने का निर्देश दिया है.
Posted By : Rajneesh Anand
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