Sharda Sinha Passes Away: शारदा सिन्हा के निधन से शोक की लहर, राष्ट्रपति, पीएम मोदी सहित इन दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि

Sharda Sinha
Sharda Sinha Passes Away: बिहार की प्रसिद्ध लोकगायिका शारदा सिन्हा का मंगलवार रात निधन हो गया. उन्होंने दिल्ली एम्स में आखिरी सांस ली.
Sharda Sinha Passes Away: पद्म भूषण से सम्मानित शारदा सिन्हा के निधन से शोक की लहर फैल गई है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रख्यात लोक गायिका शारदा सिन्हा के निधन पर शोक जताया और कहा कि उनका सुमधुर गायन अमर रहेगा. राष्ट्रपति मुर्मू ने एक्स पर लिखा, बिहार कोकिला के रूप में प्रसिद्ध गायिका डॉक्टर शारदा सिन्हा जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. बिहारी लोक गीतों को मैथिली और भोजपुरी में अपनी मधुर आवाज देकर शारदा सिन्हा जी ने संगीत जगत में अपार लोकप्रियता पायी. उन्होंने लिखा, आज छठ पूजा के दिन उनके मधुर गीत देश-विदेश में भक्ति का अलौकिक वातावरण बना रहे होंगे. उन्हें वर्ष 2018 में कला के क्षेत्र में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था. उनका सुमधुर गायन अमर रहेगा. मैं उनके परिवारजन एवं प्रशंसकों के प्रति गहन शोक-संवेदना व्यक्त करती हूं.
पीएम मोदी बोले- शारदा सिन्हा का जाना संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति
पीएम मोदी ने लिखा, सुप्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है. उनके गाए मैथिली और भोजपुरी के लोकगीत पिछले कई दशकों से बेहद लोकप्रिय रहे हैं. आस्था के महापर्व छठ से जुड़े उनके सुमधुर गीतों की गूंज भी सदैव बनी रहेगी. उनका जाना संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है. शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं. ओम शांति!
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जताया शोक
शारदा सिन्हा के निधन से दुखी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक संवेदना व्यक्त की. मुख्यमंत्री ने कहा, बिहार कोकिला शारदा सिन्हा मशहूर लोग गायिका थीं. उन्होंने मैथिली, बज्जिका, भोजपुरी के अलावे हिंदी गीत भी गाये थे. उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में भी अपनी मधुर आवाज दी थी. संगीत जगत में उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने 1991 में पद्मश्री और 2018 में पद्मभूषण सम्मान से सम्मानित किया था. स्व. शारदा सिन्हा के छठ महापर्व पर सुरीली आवाज में गाए मधुर गाने बिहार और उत्तर प्रदेश समेत देश के सभी भागों में गूंजा करते हैं. उनके निधन से संगीत के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है.
योगी आदित्यनाथ ने भी जताया शोक
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शोक जताते हुए एक्स पर लिखा, प्रख्यात लोक गायिका, पद्म भूषण डॉ शारदा सिन्हा जी का निधन अत्यंत दुःखद व संपूर्ण संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! उन्होंने अपने उत्कृष्ट पारंपरिक गायन के माध्यम से मैथिली, भोजपुरी सहित अनेक लोक भाषाओं और लोक संस्कृति की सेवा की तथा राष्ट्रीय पटल पर उन्हें सम्मान दिलाया. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा उनके शोकाकुल परिजनों एवं प्रशंसकों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें. ॐ शांति!
केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने जताया दुख
केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भी शारदा सिन्हा के निधन पर गहरा शोक जताया. उन्होंने एक्स पर लिखा, यह कला जगत के लिये गहरे शोक का समय कि सुप्रसिद्ध लोक गायिका श्रीमती शारदा सिन्हा जी अब इस दुनिया में नहीं रहीं. उन्होंने मैथिली और भोजपुरी गीतों को अमर लोक स्वर दिया. छठ पर्व में उनके गाए गीत गूंजते हैं. उन्हें बिहार कोकिला कहा जाता था. शारदा जी को विशारदों से जितनी सराहना मिली, उतना ही आमजन को उनसे आत्मीयता थी. सोशल मीडिया पर उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना करते रहे असंख्य प्रशंसक इसका प्रमाण हैं. मां सरस्वती उनकी आत्मा को अपना आंचल प्रदान करें. परिजनों को मेरी संवेदनाएं मिलें. ॐ शांति!
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी जताया शोक
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी शारदा सिन्हा के निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने एक्स पर लिखा, अपनी आवाज से छठ एवं अन्य त्योहारों को जीवंत करने वाली स्वर कोकिला आदरणीय श्रीमती शारदा सिन्हा जी के निधन की दुःखद खबर मिली. स्व शारदा जी नारी सशक्तिकरण की विराट मिसाल थीं. उनका चले जाना देश के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई शायद ही कभी पूरी हो पाएगी. छठी मइयां स्व शारदा जी की आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिवारजनों को दुःख की यह विकट घड़ी सहन करने की शक्ति दे.
बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम ने भी जताया शोक
बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम ने भी शारदा सिन्हा के निधन पर शोक जताया. उन्होंने एक्स पर पोस्ट डाला और लिखा, महापर्व छठ पूजा के दौरान आदरणीय शारदा सिन्हा जी का चले जाना अत्यंत दुखद है. छठी मैया आपको अपनी गोद में स्थान दें. आप अपने स्वरों के जरिए सदैव लोगों के हृदय में जीवित रहेगी. ॐ शांति.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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