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पीएम मोदी को आज सम्मानित करेंगे शरद पवार, विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने कह दी ये बात

Updated at : 01 Aug 2023 8:39 AM (IST)
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पीएम मोदी को आज सम्मानित करेंगे शरद पवार, विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने कह दी ये बात

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में शामिल विभिन्न दलों के नेताओं ने इस मुद्दे को उठाया है और कहा है कि यह गठबंधन के लिए ठीक नहीं होगा. आपको बता दें कि पिछले दिनों विपक्षी गठबंधन इंडिया का गठन किया गया है जिसके नेता लगातार केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर है.

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इंडियन नेशनल डेवलेपमेंटल इंक्लूसिव एलायंस (इंडिया) का गठन पिछले दिनों बेंगलुरू में किया गया था. इस एलायंस के वरिष्ठ नेता शरद पवार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा करने जा रहे हैं जिससे गठबंधन असहज हो गया है. इस गठबंधन में शामिल कई घटक दलों का मानना है कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार को इस वक्त पीएम मोदी के साथ मंच साझा करने से परहेज करना चाहिए. दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को पुणे का दौरा करेंगे और इस दौरान वह विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे. इसके साथ ही उन्हें लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित भी किया जाएगा. इस कार्यक्रम में शरद पवार भी नजर आने वाले हैं.

पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री को सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. लोकमान्य तिलक की विरासत का सम्मान करने के लिए 1983 में तिलक स्मारक मंदिर ट्रस्ट द्वारा इस पुरस्कार की शुरुआत की गयी थी. बयान के मुताबिक, यह पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने राष्ट्र की प्रगति और विकास के लिए काम किया है और जिनके योगदान को उल्लेखनीय एवं असाधारण कार्य के तौर पर देखा जा सकता है. यह पुरस्कार हर साल एक अगस्त को लोकमान्य तिलक की पुण्यतिथि पर दिया जाता है. आयोजकों ने पहले बताया था कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार को समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है. ट्रस्ट के उपाध्यक्ष रोहित तिलक ने सोमवार को पुष्टि की कि पवार पुरस्कार समारोह में भाग लेंगे.

शरद पवार मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में भाग लेंगे

ट्रस्ट के उपाध्यक्ष रोहित तिलक ने कहा कि कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं है. शरद पवार मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में भाग लेंगे. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार, महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस तथा न्यासी सुशील कुमार शिंदे भी कार्यक्रम में भाग लेंगे. रोहित तिलक ने कहा कि उनका संगठन गैर-राजनीतिक है और पुरस्कार सभी वर्गों के लोगों को दिया जाता है. प्रधानमंत्री मोदी इस पुरस्कार से सम्मानित होने वाले 41वें व्यक्ति होंगे. इससे पहले यह पुरस्कार पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा और प्रणब मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह, मशहूर व्यवसायी एन आर नारायणमूर्ति तथा ‘मेट्रो मैन’ ई श्रीधरन को प्रदान किया जा चुका है.

पीएम मोदी के साथ पुरस्कार समारोह में शामिल होना पवार का निजी फैसला

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार का पुणे में एक पुरस्कार समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा करना एनसीपी प्रमुख का निजी निर्णय है. कार्यक्रम में पवार के शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर चव्हाण ने सातारा में मीडिया के समक्ष कहा कि कहा कि यह उनका निजी फैसला है. आपको बता दें कि कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना (यूबीटी) महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाड़ी के सदस्य हैं.

फैसले पर पुनर्विचार करें शरद पवार: अरविंद सावंत

इस बीच शिवसेना (यूटीबी) के सांसद अरविंद सावंत ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता शरद पवार को उस कार्यक्रम में शिरकत करने के अपने फैसले पर पुन: विचार करना चाहिए जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. पवार मंगलवार को पुणे में लोकमान्य तिलक स्मारक मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का कार्यक्रम है, जहां वह प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच साझा करेंगे.

Also Read: विपक्ष की बैठक से पहले ‘अजित गुट’ का शरद पवार से मिलना, जानिए क्या हैं इसके मायने?

विभिन्न दलों के नेताओं ने इस मुद्दे को उठाया

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में शामिल विभिन्न दलों के नेताओं ने इस मुद्दे को उठाया है और कहा है कि यह गठबंधन के लिए ठीक नहीं होगा. कुछ नेताओं ने कार्यक्रम में शामिल होने के फैसले पर इसलिए भी सवाल उठाया है क्योंकि उनके भतीजे अजित पवार विद्रोह करके महाराष्ट्र की भाजपा-शिवसेना सरकार में शामिल हो गये हैं. सावंत ने कहा कि तिलक ने ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ का नारा दिया था. लेकिन “क्या आज स्वराज है?” आज के हालात में उन्हें (पवार को) सोचना चाहिए..यह स्व-राज यानी एक व्यक्ति का राज है.”सावंत ने कहा कि पवार को अपने फैसले पर विचार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी (भाजपा) के नेता संविधान को तबाह कर रहे हैं, उन्हें (पवार को) वहां नहीं जाना चाहिए.

भाषा इनपुट के साथ

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