World Hindi Day: विश्व हिंदी दिवस पर डीएवी में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन, कई लोगों ने लिया हिस्सा
Published by : Pritish Sahay Updated At : 16 Jan 2025 9:10 PM
World Hindi Day
World Hindi Day: World Hindi Day: विश्व हिन्दी दिवस के मौके पर डीएवी कॉलेज अमृतसर में ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया था. यह संगोष्ठी हिन्दी विषय पर आयोजित की गई थी. संगोष्ठी का आयोजन कालेज प्राचार्य डॉ अमरदीप गुप्ता के संरक्षण में स्नातकोत्तर हिंदी विभाग अध्यक्ष डॉ किरण खन्ना की ओर से किया गया.
World Hindi Day: विश्व हिन्दी दिवस के मौके पर डीएवी कॉलेज अमृतसर में ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया था. यह संगोष्ठी हिन्दी विषय पर आयोजित की गई थी. संगोष्ठी का आयोजन कालेज प्राचार्य डॉ अमरदीप गुप्ता के संरक्षण में स्नातकोत्तर हिंदी विभाग अध्यक्ष डॉ किरण खन्ना की ओर से किया गया. संगोष्ठी के मुख्य वक्ता प्रो डॉ विवेक मणि त्रिपाठी रहे . डॉ विवेक मणि त्रिपाठी चीन के क्वांड्गतोंग विदेशी भाषा विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त हैं. कॉलेज के प्राचार्य डॉ अमरदीप गुप्ता ने बताया कि डॉ विवेक मणि चीनी विद्यार्थियों को हिन्दी भाषा और साहित्य हिन्दू धर्म के साथ-साथ तथा भारतीय संस्कृति पढ़ा रहे हैं. इनके निर्देशन में दर्जनों चीनी विद्यार्थियों ने हिन्दू धर्म हिंदू त्योहार रामायण वैदिक संस्कृति में नारी का स्थान आदि विषयों पर शोध कार्य किया है. डॉक्टर मणि चीन में योग की निःशुल्क कक्षा भी चलाते हैं. जिससे चीनी लोग भारतीय योग विज्ञान को समझ सकें.
डॉ विवेक मणि त्रिपाठी ने अपने संबोधन में भारत में 10 जनवरी 2006 से विधिवत रूप से विश्व हिंदी दिवस घोषित किए जाने की पृष्ठभूमि पर बातचीत की. साथ ही भूमंडलीकरण के दौर मे हिंदी भाषा के निरंतर बढ़ रहे वर्चस्व के विषय मे बताया. डॉ विवेक ने कहा कि 6 मिलियन से अधिक बोलने वालों के साथ, हिंदी विश्व स्तर पर दुनिया में तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा बन चुकी है. भारत सरकार की आधिकारिक भाषा और संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषाओं में से एक के रूप में, हिंदी अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और संचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. भारतीय दूतावास के प्रयासों के कारण चीन में पांच संस्थाओं भारतीय संस्कृति के विभिन्न अध्ययन क्षेत्रों के विभाग बने हैं जिनमें विभिन्न क्षेत्रों में जिनान विश्वविद्यालय , शेनज़ेन विश्वविद्यालय और युन्नान विश्वविद्यालय शामिल हैं.
संगोष्ठी में अमेरिका से जुड़ी डॉक्टर वीना विज ने भी अमेरिका में हिन्दी की बढ़ती लोकप्रियता पर अपने विचार प्रकट किए . नीदरलैंड से डॉ मोहन कांत गौतम भी संगोष्ठी में शामिल हुए. मुंबई से जुड़ी डॉक्टर मीरा सिंह ने बताया कि आज भी अमेरिका के न्यूयॉर्क, फिलाडेल्फिया शहरों में गुरुकुल खुले हुए हैं जहां भारतीय मूल के युवा शनिवार और रविवार भारतीय संस्कृति से परिचित होने पहुंचते हैं. उत्तर प्रदेश से डॉ शेख वहाब, दिल्ली से डॉ कमलेश सरीन, डॉ मोहन कांत गौतम, डॉ मंजू उपाध्याय, छत्तीसगढ़ से डॉ ऊषी बाला, तेलंगाना से डॉ संध्या दास, बुलंद शहर से प्रो जय किशोर महाराष्ट्र से डॉ प्रकाश शंकरराव, डॉ प्रशांत जी, प्रमोद गुप्ता सहित पंजाब की प्रतिष्ठित कवयित्री जसप्रीत कौर फलक और अमृतसर से शैली जग्गी ने कवितायें किया. समाजसेविका डॉक्टर स्वराज ग्रोवर नेभी आशीर्वाद दिया और डीएवी संस्थानों की हिंदी संरक्षण की प्रशंसा की.
संगोष्ठी में प्रिसिंपल परमजीत कुमार,अतुल भास्कर, डॉ अनीता शर्मा, डॉ संजय चौहान, सुश्री सीमा कुमार, डॉ जीवन महेन्द्र,डॉ नीरज गुप्ता, प्रो संदीप कुमार शर्मा, प्रो बलराम सिंह यादव , प्रो बलविंदर, अनीता चोपड़ा, योगेश कुमार, रजनी ,शमिता समेत कई और जाने माने लोगों ने कार्यक्रम मे सहभागिता की.
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