RSS सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने राहुल गांधी को दी नसीहत, समलैंगिक विवाह पर कह दी बड़ी बात

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RSS सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने राहुल गांधी को दी नसीहत, समलैंगिक विवाह पर कह दी बड़ी बात

दत्तात्रेय होसबोले ने सैमलैंगिक विवाह पर कहा, आरएसएस समान लिंगी विवाह के विषय पर केंद्र सरकार के दृष्टिकोण से सहमत है. सरकार की तरह वह भी मानता है कि विवाह केवल विपरीत लिंग के दो लोगों के बीच हो सकता है.

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राष्ट्रीय स्वयं सेवक (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को नसीहत दे दी है. हासबोले ने कहा, राहुल को ज्यादा जिम्मेदारी से बात करनी चाहिए. कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा हाल में दिये गये भाषणों में लगातार राष्ट्रीय स्वयं सेवक (आरएसएस) पर निशाना साधने के बीच आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा, समाज में संघ की स्वीकार्यता की वास्तविकता को देखना चाहिए.

समलैंगिक विवाह पर बोले हसबोले- विवाह केवल विपरीत लिंग के बीच संभव

दत्तात्रेय होसबोले ने सैमलैंगिक विवाह पर कहा, आरएसएस समान लिंगी विवाह के विषय पर केंद्र सरकार के दृष्टिकोण से सहमत है. सरकार की तरह वह भी मानता है कि विवाह केवल विपरीत लिंग के दो लोगों के बीच हो सकता है. विवाह दो विपरीत लिंग के बीच हो सकता है. हिंदू जीवन में विवाह ‘संस्कार’ है, यह आनंद के लिए नहीं है. दो व्यक्ति विवाह करते हैं और समाज के लाभ के लिए एक परिवार बनाते हैं … विवाह न तो यौन आनंद के लिए और न ही अनुबंध के लिए.

आरएसएस राजनीतिक क्षेत्र में काम नहीं करता

जब दत्तात्रेय होसबोले से राहुल गांधी के बयान पर पूछा गया, तो उन्होंने कहा, वह जरूर अपने ‘राजनीतिक एजेंडे’ के तहत ऐसा कर रहे होंगे, लेकिन आरएसएस राजनीतिक क्षेत्र में काम नहीं करता है , इसलिए उनकी संघ से कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है. एक राजनीतिक दल के नेता के तौर पर उन्हें ज्यादा जिम्मेदारी के साथ बात करनी चाहिए और (संघ के विस्तार तथा समाज में उसकी स्वीकार्यकर्ता की) वास्तविकता देखनी चाहिए.

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भारत को जेल में तब्दील कर दिया था, उन्हें लोकतंत्र पर नहीं करना चाहिए टिप्पणी

ब्रिटेन में गांधी की टिप्पणी के बारे में एक प्रश्न के उत्तर में आरएसएस नेता ने कहा, जिनलोगों ने भारत को जेल में तब्दील कर दिया था, उन्हें देश में लोकतंत्र पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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