Republic Day 2024: सफल लोकतंत्र के लिए देश की संस्कृति को होता है बचाना, भारत इसका उदाहरण

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 25 Jan 2024 2:28 PM

विज्ञापन

Dehradun: Artists during the full dress rehearsal for the Republic Day Parade 2024, in Dehradun, Wednesday, Jan. 24, 2024. (PTI Photo)(PTI01_24_2024_000183B)

Republic Day 2024: शुक्रवार को पूरे भारत में गणतंत्र दिवस का त्योहार मनाया जाएगा जिसकी तैयारी जोरों पर चल रही है. यदि आप सोच रहे हैं कि भारत को लोकतंत्र की जननी क्यों कहते हैं तो जानें इस सवाल का जवाब

विज्ञापन

Republic Day 2024 ; देश अपना 74वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है. यानी हमारा देश अब गणतंत्र के रूप में 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है. भारत न केवल विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, बल्कि लोकतंत्र की जननी भी है. भारत के लोकतंत्र पर देश के हर नागरिक को गर्व है. इस गौरव के क्षण पर प्रभात खबर डॉट कॉम ने डॉ रीना नंद (प्रोफेसर, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय) से बात की जिन्होंने भारत के खूबसूरत लोकतंत्र को बहुत ही अच्छी तरह डिफाइन किया है. आइए जानते हैं गणतंत्र दिवस पर खास बातें…

undefined

भारत ने ब्रिटेन के संसदीय प्रणाली को अपनाया

डॉ रीना नंद ने बताया कि भारत में ब्रिटेन के संसदीय प्रणाली को अपनाया है. हम इस प्रणाली से प्रभावित हुए और इसे अपनाया. उस वक्त के नेताओं और जानकारों ने दोनों ही पद्धति का अध्ययन किया और संसदीय प्रणाली को अपनाने पर सहमति जताई. आपको बता दें कि संसदीय प्रणाली के अलावा अध्यक्षात्मक प्रणाली होती है जैसा अमेरिका में देखा जाता है.

undefined

भारतीय लोकतंत्र अन्य देशों से अलग कैसे ?

हमारी संस्कृति अन्य देशों से अलग है. भारत वसुधैव कुटुंबकम के पथ पर चलने वाला देश हैं और जो देश अपनी संस्कृति को अपनाते हुए आगे बढ़ता है वो प्रगति के पथ पर हमेशा अग्रसर रहता है. भारत में ऐसी व्यवस्था है जिससे अंतिम पायदान में बैठे नागरिक पर भी सरकार का ध्यान रहता है. हमारे यहां पंचायती राज शासन इसी का परिणाम है. डॉ रीना नंद ने कहा कि यही वजह है कि हमारा लोकतंत्र आगे बढ़ रहा है वो भी पूरी सफलता के साथ. भारत में कई धर्म और संस्कृति के लोग रहते हैं वो भी सद्भाव से..इसकी वजह है भारतीय लोकतंत्र का मजबूत होना.

undefined
Also Read: Republic Day 2024: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को दंग कर देंगे वायु सेना के जवान, देखें ये खास वीडियो

डॉ रीना नंद ने कहा कि जो देश अपनी संस्कृति को बचाकर चलता है वो काफी आगे जाता है. हाल ही में एक वीडियो सामने आया था जो काफी वायरल हुआ था. यह वीडियो न्यूजीलैंड के संसद का था. दरअसल, न्यूजीलैंड की सबसे युवा सांसद हाना रहिती माइपे क्लार्क अपने वीडियो के कारण चर्चा में थीं. क्लार्क वहां की संसद में भाषण दे रही थी और अपने मुद्दों को उठातीं वीडियो में नजर आ रहीं थीं, लेकिन इसके लिए उन्होंने अनोखा अंदाज अपनाया था. उन्होंने अपने मुद्दे को संसद में माओरी संस्कृति का डांस ‘हाका’ परफॉर्म करते हुए उठाया था. यही वजह है कि हर देश को अपनी संस्कृति को बचाकर चलने की जरूरत है.

undefined

भारतीय लोकतंत्र में केंद्र मजबूत स्थिति में

भारत करीब दो सौ वर्षों तक गुलाम रहा. चंद्र अंग्रेजों ने करोड़ों भारतीयों को गुलाम बनाकर रखा. यही वजह है कि भारतीय लोकतंत्र में केंद्र को मजबूत बनाया गया है. केंद्र में 97 विषय को रखा गया है कानून बनाने के लिए जबकि राज्य के लिए 66 ही हैं. कोई भी विवाद होने पर केंद्र के पास पावर चला जाता है. 75 वर्षों के बाद भी हमारा लोकतंत्र सफल होने का यह बहुत बड़ा कारण है.

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola