राम मंदिर चंदा चोरी विवाद: दिग्विजय सिंह का पीएम मोदी पर निशाना, कहा- 'चंपत राय को बचा रहे हैं प्रधानमंत्री, जवाबदेही उन्हीं की'
राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पर बोलते दिग्विजय सिंह, फोटो एक्स
Ram Mandir Donation Theft Row: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय को "संरक्षण" दे रहे हैं. दावा किया कि ट्रस्ट के कामकाज की जवाबदेही उन्हीं पर है.
Ram Mandir Donation Theft Row: एएनआई से बात करते हुए, दिग्विजय सिंह ने अयोध्या मंदिर में दान की कथित चोरी को लोगों की आस्था पर झटका बताया. उन्होंने कहा- आज सबसे अहम मुद्दा हमारी गहरी आस्था को लगी चोट है. यह चोट अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़ी है, जो हमारे पूजनीय देवता भगवान राम की जन्मभूमि है. यह एक ऐसा मुद्दा है जिसके लिए निर्मोही अखाड़ा 150 वर्षों से अधिक समय से संघर्ष कर रहा है, और गोरखनाथ ट्रस्ट के महंत कम से कम एक सदी से प्रयासरत हैं. उन्होंने पूछा, अब वह राम लल्ला प्रतिमा कहां है. वही देवता जिसने मंदिर को उसकी पहचान दी?”
40 दिनों में 71 बार हो चुकी है चोरी : दिग्विजय सिंह
दिग्विजय सिंह ने कहा- "40 दिनों में 71 बार चोरी हो चुकी है. सीसीटीवी फुटेज भी गायब है. लेखाकार महिपाल सिंह की शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय चंपत राय जी ने उन्हें पद से हटा दिया." कांग्रेस नेता ने आगे दावा किया कि महिपाल सिंह और दीनानाथ वर्मा, जो श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े एक सेवानिवृत्त इंजीनियर हैं, दोनों आरएसएस कार्यकर्ता थे जिन्हें चंपत राय द्वारा नियुक्त किया गया था. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर परियोजना से जुड़े एक सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, वर्मा को ठेकेदारों द्वारा कथित तौर पर 40 प्रतिशत कमीशन की मांग के बारे में शिकायत करने के बाद हटा दिया गया था.
पीएम मोदी के नेतृत्व में किया गया था ट्रस्ट का निर्माण : दिग्विजय सिंह
प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट का गठन उनके नेतृत्व में किया गया था. उन्होंने कहा- "पीएम मोदी चंपत राय जैसे व्यक्ति का संरक्षण कर रहे हैं. जवाबदेही और जिम्मेदारी उन्हीं की है. ट्रस्ट की नियुक्ति उन्होंने ही की थी."
प्रधानमंत्री के लिए हमेशा खाऊंगा, खाने दूंगा और खिलाऊंगा वाली स्थिति रही: कांग्रेस
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि मई 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने "ना खाऊंगा ना खाने दूंगा " का नारा दिया था, लेकिन बाद की घटनाओं ने इस दावे की वास्तविकता उजागर कर दी. रमेश ने आरोप लगाया कि गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (जीएसपीसी) को ओएनजीसी में विलय कर 20,000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को छिपाने का प्रयास किया गया. उन्होंने चुनावी बॉन्ड योजना को "चंदा दो, धंधा लो" घोटाला बताते हुए कहा कि इससे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला. रमेश ने अदाणी समूह के मुद्दे, राफेल सौदे, 'पीएम केयर्स फंड' तथा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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