राजनाथ सिंह ने कहा- युद्ध का खेल बदल गया है, छोटे देश भी बड़े देश को पहुंचा सकते हैं ज्यादा नुकसान

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 13 Jun 2026 9:39 AM

विज्ञापन

राजनाथ सिंह (Photo: PTI)

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि पहले युद्ध में बड़ी और ताकतवर सेनाओं का पलड़ा भारी रहता था. लेकिन अब हालात बदल गए हैं. नई तकनीक और आधुनिक हथियारों की वजह से छोटे देश या कमजोर ताकतें भी बड़े देशों को भारी नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखती हैं.

विज्ञापन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले युद्ध मुख्य रूप से सैनिकों और उनके हथियारों के दम पर लड़े जाते थे. लेकिन अब युद्ध का तरीका पूरी तरह बदल गया है. आज के दौर में कई बार यह पता लगाना भी मुश्किल हो जाता है कि हमला किसने किया और किस हथियार से किया गया. आधुनिक युद्ध में रडार, सैटेलाइट, ड्रोन, सेंसर, रोबोटिक्स और दूसरी उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल हो रहा है. कई बार दुश्मन दूर बैठकर ही सिस्टम को नियंत्रित कर सकता है. यहां तक कि ट्रैफिक सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों को भी हैक कर प्रभावित किया जा सकता है.

आगे राजनाथ सिंह ने कहा कि युद्ध की परिभाषा अब पहले जैसी नहीं रही. इसलिए नई पीढ़ी के सैनिकों को भविष्य की युद्ध तकनीकों और रणनीतियों को अच्छी तरह समझना होगा. उन्होंने भरोसा जताया कि प्रशिक्षण और अभ्यास के जरिए जवान किसी भी नई और अप्रत्याशित चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने साथ में यह भी कहा कि  भारतीय वायु सेना ने संकट के समय विदेशी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की है. 

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola