एंटी-पेपर लीक बिल पर बहस , सुप्रिया सुले बोलीं- बिल में अंदरूनी विरोधाभास और JPC के पास भेजने की मांग

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एनसीपी (शरद पवार) गुट की सांसद सुप्रिया सुले ( एएनआई )

एनसीपी (शरद पवार) गुट की सांसद सुप्रिया सुले ( एएनआई )

लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान सुप्रिया सुले ने बिल को JPC को भेजने की मांग की. उन्होंने NEET प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा छात्रों पर हुई लाठीचार्ज को लोकतंत्र पर हमला करार दिया.

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लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने केंद्र सरकार को कई मुद्दों पर घेरा. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, एनसीपी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने मोदी सरकार से इस विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने की मांग की. उन्होंने कहा कि मौजूदा बिल में कई "आंतरिक विरोधाभास" हैं और इसे सभी पक्षों की राय लेकर मजबूत बनाया जाना चाहिए.

लीक-प्रूफ कानून' बनाने के लिए JPC और सर्वदलीय बैठक की मांग

सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में परीक्षा प्रणाली को बचाना चाहती है तो सभी हितधारकों, शिक्षा विशेषज्ञों और राजनीतिक दलों को साथ लेकर एक ऐसा कानून बनाया जाए, जिससे भविष्य में पेपर लीक की घटनाएं पूरी तरह रुक सकें. उन्होंने सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने और देशभर में हुई पेपर लीक घटनाओं की विस्तृत जांच कराने की भी मांग की.

एनसीपी (शरद पवार) गुट की सांसद सुप्रिया सुले ने पेपर लीक विरोधी बिल पर बहस के बीच JPC की मांग की, उन्होंने कहा कि कानून में अंदरूनी विरोधाभास हैं. इस लिए इस पर सभी पक्षों की मत जानना बेहद जरुरी है.

NEET प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

सुले ने NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक लाखों छात्र प्रभावित हुए हैं, इसलिए सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि संसद से ऐसा संदेश जाना चाहिए था कि छात्रों के मुद्दे पर पूरा सदन एकजुट है.

युवा किसी के साथ नहीं, 2029 में मिलेगा जवाब

सुप्रिया सुले ने सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि देश का युवा उसके साथ है. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी न किसी एक दल के साथ है और न ही किसी के खिलाफ स्थायी रूप से खड़ी है. 2029 के चुनाव में ही पता चलेगा कि युवाओं का भरोसा किसके साथ है.

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सत्येन्द्र गिरि

लेखक के बारे में

By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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