राजस्थान मतगणना : सरदारपुरा सीट से अशोक गहलोत आगे, झोटवाड़ा से राज्यवर्धन सिंह राठौर पीछे

जोधपुर की सरदारपुरा सीट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की परंपरागत सीट है. सरदारपुरा सीट से बीजेपी ने महेंद्र सिंह राठौड़ को उतारा है. अशोक गहलोत पांच बार सांसद और पांच बार विधायक, तीन बार मुख्यमंत्री, तीन बार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहे हैं.
जयपुर: राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना जारी है. रविवार की सुबह आठ बजे मतों की गिनती शुरु की गई. शुरुआती रुझान में जोधपुर के सरदारपुरा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी और वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आगे चल रहे हैं. वहीं, झोटवाड़ा विधानसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी और पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ भी पीछे चल रहे हैं.
सरदारपुरा गहलोत की परंपरागत सीट
जोधपुर की सरदारपुरा सीट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की परंपरागत सीट है. सरदारपुरा सीट से बीजेपी ने महेंद्र सिंह राठौड़ को उतारा है. अशोक गहलोत पांच बार सांसद और पांच बार विधायक, तीन बार मुख्यमंत्री, तीन बार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहे हैं. वसुंधरा राजे समर्थक राठौड़ को टिकट देकर बीजेपी ने गहलोत की राह आसान कर दी है.
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क्या है वोटों का समीकरण
सरदारपुरा क्षेत्र पर नजर डालें तो यह जोधपुर की ही एक विधान सभा है. इसमें जोधपुर के मेहरानगढ़ और मंडोर होने से पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में इसकी गिनती होती है. वहीं जातीय समीकरण की बात करें तो सरदारपुरा क्षेत्र में राजपूत और जाट, अल्पसंख्यक और ओबीसी वर्ग के लोग निर्णायक भूमिका निभाते नजर आते है. जिस पार्टी ने इनको लुभाने में कामयाबी हासिल की जीत उनकी पक्की हो जाती है. वहीं जाट और माली ओबीसी वर्ग के वोट भी काफी संख्या इस क्षेत्र में है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी माली समाज से आते हैं जिसका उन्हें लाभ मिलता है. वोट प्रतिशत की बात करें तो पिछले चुनाव यानी 2018 के चुनाव में 64 प्रतिशत वोट कांग्रेस के पक्ष में पड़े थे.
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2014 में राजनीति में आए राज्यवर्धन सिंह राठौर
वहीं, झोटवाड़ा से भाजपा प्रत्याशी राज्यवर्धन सिंह राठौर की बात करें, तो भारत को ओलंपिक में गोल्ड मेडल दिलाने वाले कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर खेल की दुनिया में परचम लहराने के बाद राजनीति में सक्रिय हैं. भारतीय सेना से सेवानिवृत राज्यवर्धन राठौर ने 2004 के एथेंस ओलंपिक में डबल ट्रैप शूटिंग में रजत पदक जीता. उसके बाद राठौर की जमकर चर्चा हुई. एक दशक से अधिक के खेल करियर में उन्होंने राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में कई पदक हासिल किए. शूटिंग से संन्यास लेने के बाद राठौर ने बीजेपी का दामन थामा और 2014 से लगातार पार्टी की सेवा कर रहे हैं.
2014 में पहली बार सांसद बने थे राठौर
राज्यवर्धन सिंह राठौर ने 2014 में भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन किया. 2014 के लोकसभा चुनाव में वे जयपुर ग्रामीण निवार्चन क्षेत्र से पहली बार जीतकर सांसद बने. पीएम मोदी की पहली ही कैबिनेट में उन्हें सूचना और प्रसारण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया. उसके बाद उन्हें 3 सितंबर 2017 को खेल मंत्री नियुक्त किया गया था. मई 2018 में, वह सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बने.
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लेखक के बारे में
By कुमार विश्वत सेन
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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