Rajasthan Election Result 2023: राज्यवर्धन सिंह राठौर जीते, कांग्रेस के अभिषेक चौधरी ने दी कड़ी टक्कर
Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 03 Dec 2023 3:32 PM
निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के अनुसार, झोटवाड़ा विधानसभा सीट के लिए 23 राउंड तक हुई मतगणना के दौरान राज्यवर्धन सिंह राठौर ने करीब 50,385 मतों से कांग्रेस के अभिषेक चौधरी को मात दी है. भाजपा-कांग्रेस के इन दोनों उम्मीदवारों की टक्कर के बीच निर्दलीय उम्मीदवार आशु सिंह सुरपुरा को भी करीब 54,727 मत मिले.
Rajasthan Election Result 2023: राजस्थान में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने झोटवाड़ा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है. कड़ी टक्कर के बीच उन्होंने कांग्रेस के अभिषेक चौधरी को शिकस्त दी है. मतगणना के दौरान आए नतीजों की मानें, झोटवाड़ा विधानसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला हुआ. भाजपा-कांग्रेस के उम्मीदवारों के बीच निर्दलीय आशु सिंह सुरपुरा ने भी अच्छे मत प्राप्त किए हैं.
राज्यवर्धन सिंह राठौर ने अभिषेक चौधरी को 50,385 मतों से हराया
निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के अनुसार, झोटवाड़ा विधानसभा सीट के लिए 23 राउंड तक हुई मतगणना के दौरान राज्यवर्धन सिंह राठौर ने करीब 50,385 मतों से कांग्रेस के अभिषेक चौधरी को मात दी है. राज्यवर्धन सिंह राठौर को करीब 1,46,440 मत मिले. वहीं, कांग्रेस के अभिषेक चौधरी को 96,055 मतों से संतोष करना पड़ा.
54,727 मत पाकर निर्दलीय उम्मीदवार आशु सिंह तीसरे स्थान पर
सबसे बड़ी बात यह है कि भाजपा-कांग्रेस के इन दोनों उम्मीदवारों की टक्कर के बीच निर्दलीय उम्मीदवार आशु सिंह सुरपुरा को भी करीब 54,727 मत मिले. इस सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार आशु सिंह सुरपुरा तीसरे स्थान पर रहे. झोटवाड़ा विधानसभा सीट से करीब 19 उम्मीदवार मैदान में थे. इनमें से सात निर्दलीय उम्मीदवार थे. इन सातों उम्मीदवारों में से करीब छह प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई.
शूटिंग से संन्यास लेकर राज्यवर्धन ने 2014 थामा बीजेपी का हाथ
बताते चलें कि भारत को ओलंपिक में गोल्ड मेडल दिलाने वाले कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर खेल की दुनिया में परचम लहराने के बाद राजनीति में सक्रिय हैं. भारतीय सेना से सेवानिवृत राज्यवर्धन राठौर ने 2004 के एथेंस ओलंपिक में डबल ट्रैप शूटिंग में रजत पदक जीता. उसके बाद राठौर की जमकर चर्चा हुई. एक दशक से अधिक के खेल करियर में उन्होंने राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में कई पदक हासिल किए. शूटिंग से संन्यास लेने के बाद राठौर ने बीजेपी का दामन थामा और 2014 से लगातार पार्टी की सेवा कर रहे हैं.
2014 में पहली बार सांसद बने राज्यवर्धन सिंह राठौर
राज्यवर्धन सिंह राठौर ने 2014 में भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन किया. 2014 के लोकसभा चुनाव में वे जयपुर ग्रामीण निवार्चन क्षेत्र से पहली बार जीतकर सांसद बने. पीएम मोदी की पहली ही कैबिनेट में उन्हें सूचना और प्रसारण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया. उसके बाद उन्हें 3 सितंबर 2017 को खेल मंत्री नियुक्त किया गया था. मई 2018 में, वह सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बने.
राज्यवर्धन सिंह राठौर को खेल में सम्मान
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1989 में ब्लेजर (राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, पुणे, भारत में सर्वोच्च खेल पुरस्कार)
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1990 में सिख रेजिमेंट स्वर्ण पदक (भारतीय सैन्य अकादमी में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के लिए)
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1990 में स्वॉर्ड ऑफ ऑनर (भारतीय सैन्य अकादमी में सर्वश्रेष्ठ ऑल राउंड ऑफिसर कैडेट के लिए)
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2006 मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए चुने गए ध्वजवाहक थे.
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2008 के बीजिंग ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के दौरान भारत के लिए चुने गए ध्वजवाहक.
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राठौर अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम), असाधारण सेवा के लिए सैन्य पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं.
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2003-2004 – अर्जुन पुरस्कार
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2004-2005 – मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार (भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान).
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2005 – पद्म श्री
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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