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कश्मीरी पंडितों को घाटी में काम करने के लिए न करें मजबूर, राहुल गांधी ने PM मोदी को लिखा पत्र, जताई यह उम्मीद

Updated at : 03 Feb 2023 10:28 PM (IST)
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कश्मीरी पंडितों को घाटी में काम करने के लिए न करें मजबूर, राहुल गांधी ने PM मोदी को लिखा पत्र, जताई यह उम्मीद

राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि आतंकियों ने हाल में ही टारगेट कीलिंग के जरिय कश्मीरी पंडितों और अन्य लोगों की लगातार चुन-चुनकर हत्या कर रहे हैं. राहुल ने कहा कि हत्याओं ने घाटी में डर और निराशा का माहौल बना दिया है.

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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कश्मीर घाटी में कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा के मुद्दे पर भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कश्मीरी पंडितों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात के बाद पीएम मोदी को पत्र लिखा है. अपने पत्र में राहुल गांधी ने जम्मू कश्मीर में हुए टारगेट किलिंग को लेकर पीएम से आग्रह किया है कि कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की चिंताएं जल्द दूर करें. राहुल ने पीएम मोदी से आग्रह किया कि वह कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की चिंताओं को दूर करने के लिए उचित कदम उठाएं, और सुरक्षा की गारंटी के बिना उन्हें कश्मीर घाटी में काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जाए.

हत्याओं के कारण घाटी में डर और निराशा का माहौल: राहुल गांधी ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर कश्मीरी पंडितो के लिए चिंता जाहिर की. उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह दावा भी किया कि कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के प्रति जम्मू-कश्मीर प्रशासन का रवैया असंवेदनशील है. राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि आतंकियों ने हाल में ही टारगेट कीलिंग के जरिय कश्मीरी पंडितों और अन्य लोगों की लगातार चुन-चुनकर हत्या कर रहे हैं. राहुल ने कहा कि हत्याओं ने घाटी में डर और निराशा का माहौल बना दिया है.

पीएम मोदी से राहुल गांधी ने किया आग्रह: राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री जी, पूरे भारत को प्रेम और एकता के सूत्र में पिरोने के लिए की गई भारत जोड़ो यात्रा के जम्मू पड़ाव में कश्मीरी पंडितों का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी समस्याओं को लेकर मुझसे मिला. उन्होंने जानकारी दी कि सरकार के अधिकारी उन्हें कश्मीर घाटी में वापस काम पर जाने के लिए मजबूर कर रहे हैं.

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कांग्रेस ने की निंदा: वहीं, कांग्रेस नेताओं का इस मामले में कहना है कि इन हालात में सुरक्षा और सलामती की पक्की गारंटी के बिना कर्मचारियों को घाटी में काम पर जाने के लिए मजबूर करना एक निर्दयी कदम है. हालात के सुधरने और सामान्य होने तक सरकार इन कश्मीरी पंडित कर्मचारियों से अन्य प्रशासकीय व जनसुविधा के कार्यों में सेवाएं ले सकती है.

भाषा इनपुट के साथ

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