Prithviraj Chavan: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने एक बार फिर विवादित बयान देकर सियासी पारा बढ़ा दिया है. उन्होंने वेनेजुएला में अमेरिकी सेना की कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि क्या भारत के साथ भी ऐसा हो सकता है. उन्होंने कहा कि वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़ने की अमेरिकी कार्रवाई गंभीर चिंता का विषय है. संयुक्त राज्य अमेरिका को किसी निर्वाचित नेता का अपहरण करने का कोई अधिकार नहीं है और यह घटना कल भारत सहित किसी भी अन्य देश के साथ हो सकती है. उन्होंने कहा कि क्या आपको एक निर्वाचित राष्ट्रपति का अपहरण करने का अधिकार है? यह बहुत चिंताजनक बात है कि कल ऐसा किसी और देश के साथ भी हो सकता है. कल यह भारत के साथ भी हो सकता है. अगर आप किसी एक देश को वर्चस्व स्थापित करने देंगे, अंतरराष्ट्रीय मामलों में अपनी मनमानी करने देंगे, तो मुझे लगता है कि हम एक बहुत ही खतरनाक स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं.
कांग्रेस नेता ने क्या कहा?
अमेरिका की ओर से भारत पर लगाए 50 फीसदी टैरिफ पर बोलते हुए कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि 50 प्रतिशत टैरिफ के साथ व्यापार करना बिल्कुल असंभव है. असल में, यह भारत-अमेरिका व्यापार, विशेष रूप से भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात को रोकने के बराबर है. चूंकि प्रत्यक्ष प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता, इसलिए व्यापार रोकने के लिए टैरिफ का इस्तेमाल किया गया है. भारत को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. अमेरिका को निर्यात से हमारे लोगों को जो मुनाफा पहले मिलता था, वह अब नहीं मिलेगा. हमें वैकल्पिक बाजारों की तलाश करनी होगी, और इस दिशा में प्रयास पहले से ही जारी हैं. तो सवाल यह है: आगे क्या होगा? क्या वेनेजुएला जैसी स्थिति भारत में भी होगी? क्या ट्रंप हमारे प्रधानमंत्री का अपहरण करेंगे?
चव्हाण ने दी अपने बयान पर सफाई
कांग्रेस नेता के इस बयान ने सियासी पारा चढ़ा दिया है. उनके बयान की जमकर निंदा हो रही है. बीजेपी ने बयान को भारत-विरोधी और बेतुका करार दिया है. बयान की आलोचना हुई तो पृथ्वीराज चव्हाण ने सफाई देते हुए कहा कि अमेरिका ने जो वेनेजुएला के खिलाफ जो कदम उठाया वो संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि एक चुने हुए राष्ट्रपति का इस तरह अपहरण कर ले जाना जायज नहीं है. यह यूएन चार्टर का भी उल्लंघन है. चव्हान ने यह भी कहा कि इसके ट्रंप यहीं नहीं रुके, उन्होंने पड़ोसी देश कोलंबिया के राष्ट्रपति को भी धमकी दी. इसके साथ ही वह ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की बात कर रहे हैं, वह पनामा नहर पर नियंत्रण करना चाहते हैं. इसलिए यदि आम सहमति नहीं बनती है, तो संयुक्त राष्ट्र की व्यवस्था ध्वस्त हो सकती है. इसलिए यदि सभी देश सतर्क नहीं रहते हैं, तो किसी के साथ भी कुछ भी हो सकता है. जिस तरह ट्रंप मोदी जी को धमकी दे रहे हैं, हमें भी सतर्क रहना चाहिए.
अमेरिका ने किया वेनेजुएला के राष्ट्रपति को किडनेप
संयुक्त राज्य अमेरिका ने शनिवार को वेनेजुएला के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमला किया और राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को किडनैप कर लिया. बाद में ट्रंप ने कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी पर न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले में नशीली दवाओं की तस्करी और नार्को-आतंकवाद की साजिशों के आरोप लगाए. ट्रंप ने कहा कि उन्हें मुकदमे का सामना करना पड़ेगा.
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