कांग्रेस को जनता कह रही है नो काॅन्फिडेंस, अविश्वास प्रस्ताव पर पीएम नरेंद्र मोदी का जवाब- पढ़ें, भाषण का अंश

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कांग्रेस को जनता कह रही है नो काॅन्फिडेंस, अविश्वास प्रस्ताव पर पीएम नरेंद्र मोदी का जवाब- पढ़ें, भाषण का अंश

पीएम मोदी ने विपक्ष पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया है, लेकिन बहस में उनकी भागीदारी बिना तैयारी के है. वे फील्डिंग तो सेट कर रहे हैं, लेकिन सत्ता पक्ष चौके-छक्के जड़ रहा है. सेंचुरी जड़ रहा है. मेरा उनसे कहना है कि आप तैयारी करके क्यों नहीं आते हैं.

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अविश्वास प्रस्ताव का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2024 में हमारी सरकार बहुमत से चुनकर आयेगी. उन्होंने कहा कि विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव उनके लिए शुभ है. 2018 में भी ईश्वर की मर्जी से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था और अभी भी वही हुआ है. विपक्ष को देश की जनता की जरा भी परवाह नहीं है. उन्होंने अपने मतदाताओं से विश्वासघात किया है, जनता ने उन्हें जिस मकसद से उन्हें संसद में भेजा है उसकी अनदेखी की है. पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस को भारत के सामर्थ्य पर भरोसा नहीं है, यही वजह है कि जनता उनसे कह रही है-नो काॅन्फिडेंस. कई राज्यों से इनका सफाया हो चुका है.

विपक्ष को सत्ता की भूख

पीएम मोदी ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि इतने जरूरी बिल संसद में पेश होना था, उनपर चर्चा होनी थी, जो देश के विकास और आम लोगों के लिए बहुत जरूरी थे, लेकिन उनपर चर्चा नहीं हुई. इसकी वजह यह है कि आपको जनता की चिंता नहीं है आपको सिर्फ सत्ता की भूख है. पीएम मोदी ने विपक्ष पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया है, लेकिन बहस में उनकी भागीदारी बिना तैयारी के है. वे फील्डिंग तो सेट कर रहे हैं, लेकिन सत्ता पक्ष चौके-छक्के जड़ रहा है. सेंचुरी जड़ रहा है. मेरा उनसे कहना है कि आप तैयारी करके क्यों नहीं आते हैं. मैंने आपको पांच साल दिया अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए फिर भी आप बिना तैयारी के आ गये.

अधीर रंजन को बोलने का मौका नहीं मिला

इस अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कई विचित्र बातें नजर आयीं, सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता को बोलने का मौका नहीं दिया. अधीर रंजन चौधरी को बोलने का मौका दे दिया, हालांकि उनका समय समाप्त हो गया था. लेकिन जब अधीर बाबू को बोलने का मौका मिला तो उन्होंने गुड़ का गोबर कर दिया. आखिर क्यों अधीर बाबू को दरकिनार कर दिया गया. शायद कलकत्ता से कोई फोन आया हो. हम अधीर बाबू के प्रति अपनी पूरी संवेदना व्यक्त करते हैं.

भारत के सारे सपने सिद्ध होने का समय आ गया

पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी देश के इतिहास में ऐसा वक्त आता है जब वह नयी ऊर्जा के साथ नये संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का संकल्प उठा लेता है. भारत के लिए वही समय आ गया है. भारत के सभी सपने सिद्ध होने का समय आ गया है. देश के हर व्यक्ति के लिए यह समय बहुत महत्वपूर्ण है. इस कालखंड में हर व्यक्ति अपने सामर्थ्य से जो कुछ करेगा वह आने वाले एक हजार साल की नींव रखने वाल ा है. इसलिए हमारा एक ही फोकस होना चाहिए देश का विकास. इस संकल्प के लिए हमसब को जुड़ जाना चाहिए. 140 करोड़ का सामर्थ्य हमें इस ऊंचाई पर पहुंचा सकता है. युवा पीढ़ी जो सपने देखती है उसे पूरा करने का अवसर है. 2014 और 2019 में जनता ने हमें अपने सपने और संकल्पों को सिद्ध करने के लिए सेवा का मौका दिया.

युवाओं के प्रति हमारी जिम्मेदारी

पीएम मोदी ने कहा कि इस सदन में बैठे हर व्यक्ति की यह जिम्मेदारी है कि वो देश के युवाओं के सपनों को पूरा करे. हमने भी इस दायित्वों को पूरा करने की पूरी कोशिश की है. हमने उन्हें घोटालों से मुक्त सरकार दी है. हमने दुनिया में भारत की बिगड़ी हुई साख को संभाला है और उसे ऊपर तक ले गये हैं. अभी भी कुछ लोग ये कोशिश कर रहे हैं कि हमारी छवि बिगड़ी. ऐसे माहौल में विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव की आड़ में जनता के विश्वास को तोड़ने की कोशिश की है. आज देश में रिकाॅर्ड विदेशी निवेश आ रहा है. आज गरीब अपने सपने पूरा कर रहा है. आज देश में गरीबी तेजी से घट रही है, 13.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आये हैं. भारत ने अति गरीबी को खत्म कर दिया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि जल -जीवन मिशन के जरिये चार लाख लोगों की जान बची है. वहीं स्वच्छ भारत अभियान के जरिये तीन लाख लोगों की जान बची है.

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भारत के सामर्थ्य पर विपक्ष को भरोसा नहीं

अविश्वास प्रस्ताव का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष यह सोचता होगा कि देश आज जिस मुकाम पर पहुंचा है, वह किसी जादू की छड़ी से किया गया काम होगा. लेकिन सच्चाई यह है कि आज देश जिस मुकाम पर है उसके लिए तैयारी की है. कठोर परिश्रम और योजना से आज देश इस मुकाम तक पहुंचा है. हमारे विपक्ष के मित्रों के फितरत में ही अविश्वास भरा है. वे 2028 में फिर अविश्वास प्रस्ताव लेकर आयेंगे तब देश सशक्त राष्ट्रों की सूची में नंबर तीन पर पहुंच जायेगा. विपक्ष जिस बारे में बुरा कहता है वह सशक्त होकर सामने आता है. हमने स्वच्छ भारत की बात की तो विपक्ष ने मजाक उड़ाया कि क्या लाल किले से एेसी बात की जाती है. हमने जनधन खाते खोले, मेक इन इंडिया की बात की तो मजाक उड़ाया गया. कांग्रेस पार्टी का यह इतिहास रहा है कि उन्हें भारत के सामर्थ्य पर कभी विश्वास नहीं रहा है.

विपक्ष को पाकिस्तान पर भरोसा

पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष को पाकिस्तान पर भरोसा है. पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद से कश्मीर जल रहा था, लेकिन कांग्रेस की सरकार उनसे लगातार बात कर रही थी, यानी देश में आतंकवादी गतिविधि जारी रहेगी और बातचीत भी होती रहेगी. उन्हें पाकिस्तान पर भरोसा था, उनकी बातों पर भरोसा था. अपनी सेना पर भरोसा नहीं था. लेकिन कांग्रेस को यह समझना होगा कि जनता में उनके प्रति नो काॅन्फिडेंस का भाव बहुत गहरा है. आज कांग्रेस इतनी घमंड में है कि उसे जमीन दिखाई नहीं देती. तमिलनाडु में 31 से साल कांग्रेस को जनता कह रही है कांग्रेस नो काॅन्फिडेंस. बंगाल में भी कांग्रेस को जनता कह रही है नो काॅन्फिडेंस. बिहार, गुजरात और त्रिपुरा में भी जनता कह रही है कांग्रेस नो काॅन्फिडेंस. कांग्रेस का परिवार वाद उन्हें ले डूबा है. बावजूद इसके इनका अहंकार कम नहीं हो रहा है. कांग्रेस के पास न नीति है, न नीयत है, न विजन है, न वैश्विक अर्थव्यवस्था की समझ है और न उन्हें भारतीय अर्थव्यवस्था की ताकत का अनुमान है. मोदी ने कहा, आज देश में जो अच्छा हो रहा है, चारों तरफ देश की जय-जयकार हो रही है, काले टीके के रूप में काले कपड़े पहनकर, यहां आकर विपक्ष ने इस मंगल को सुरक्षित करने का काम किया है. इसके लिए मैं विपक्ष का धन्यवाद करता हूं.

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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