पीएम मोदी आज 'वैभव' समिट को करेंगे संबोधित, भारतीय वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों से होंगे रूबरू

Updated at : 02 Oct 2020 8:30 AM (IST)
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पीएम मोदी आज 'वैभव' समिट को करेंगे संबोधित, भारतीय वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों से होंगे रूबरू

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गांधी जयंती (Gandhi jayanti) के मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विश्व भारतीय वैज्ञानिक (वैभव) (VAIBHAV) शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक और प्रवासी भारतीय अनुसंधानकर्ताओं और शिक्षाविदों को एक मंच प्रदान करना है. जो दुनिया भर की एकेडमिक और शोध संस्थाओं से जुड़े हैं.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गांधी जयंती के मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विश्व भारतीय वैज्ञानिक (वैभव) शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक और प्रवासी भारतीय अनुसंधानकर्ताओं और शिक्षाविदों को एक मंच प्रदान करना है. जो दुनिया भर की एकेडमिक और शोध संस्थाओं से जुड़े हैं.

कार्यक्रम का आयोजन 31 अक्टूबर तक किया जायेगा. इससे पहले कार्यक्रम को लेकर प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा था , ”कल के वैभव शिखर सम्मेलन में भाग लेने को उत्सुक हूं. यह सम्मेलन भारतीय मूल के वैश्विक वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को साथ लाता है. दो अक्टूबर की शाम 6:30 बजे आप भी जुड़िए. इस सम्मेलन में 55 देशों के भारतीय मूल के 3,000 से अधिक वैज्ञानिक और शिक्षाविद तथा 10 हजार से अधिक प्रवासी वैज्ञानिक और शिक्षाविद शामिल होंगे.

इससे पहले नमामि गंगे परियोजना के तहत सीवरेज उत्तराखंड में शोधन संयंत्र (एसटीपी) और गंगा संग्रहालय समेत छह परियोजनाओें का नयी दिल्ली से डिजिटल तरीके से लोकार्पण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि आज देश उस दौर से निकल चुका है जब पैसा पानी की तरह बह जाता था, लेकिन नतीजे नहीं मिलते थे . अब पैसा पानी की तरह नहीं बहता, बल्कि पाई-पाई पानी पर लगाया जाता है .

मोदी ने कहा कि बीते दशकों में गंगा की निर्मलता को लेकर बडे-बडे अभियान शुरू किए गये जिनमें न तो जनभागीदारी थी और न ही दूरदर्शिता और उसका नतीजा यह हुआ कि गंगा का पानी कभी साफ ही नहीं हो पाया . उन्होंने कहा, ‘अगर गंगाजल की शुद्धता को लेकर वही पुराने तौर तरीके अपनाए जाते तो आज भी हालत उतनी ही बुरी रहती . लेकिन हम नयी सोच से आगे बढे .

हमने नमामि गंगे मिशन को केवल गंगा की साफ-सफाई तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे देश का सबसे बडा और विस्तृत नदी संरक्षण कार्यक्रम बनाया .’ प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने चारों दिशाओं में एक साथ काम आगे बढाया . पहला, गंगा में गंदा पानी रोकने के लिए एसटीपी का जाल बिछाना शुरू किया, दूसरा, ऐसे एसटीपी बनाए जो अगले 10-15 साल की जरूरत भी पूरी कर सकें .

Posted By: Pawan Singh

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