PM Kisan scheme: KYC, भू-सत्यापान और बेनिफिशियरी लिस्ट में नाम होने के बाद भी नहीं मिली राशि, यहां करें शिकायत

Published by : Pritish Sahay Updated At : 25 Nov 2023 8:30 PM

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PM Kisan Yojana: इस योजना के सभी लाभुक किसानों के खाते में योजना की रकम पहुंच गई है. हालांकि कुछ किसान ऐसे हैं जिनके खाते में 2000 रुपये नहीं आये हैं. ऐसे में अगर आपके खाते में भा योजना की रकम नहीं आयी है तो घबराने की कोई बात नहीं है.

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केंद्र सरकार की ओर से देश के गरीब और सीमांत किसानों को साल में तीन बार पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत रकम मुहैया कराई जाती है. इस योजना में किसानों को सालाना 6000 रुपये की राशि केंद्र सरकार की ओर से दी जाती है. किसान को यह राशि तीन किस्तों में दी जाती है.

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गौरतलब है कि केंद्र की पीएम मोदी सरकार ने किसानों के खाते में 15वीं किस्त की रकम डाल दी है. केंद्र सरकार की ओर से 15 नवंबर को 15वीं किस्त जारी की गई थी. देश के अधिकांश किसानों के खाते में सम्मान निधि की रकम आ भी गई है. ऐसे में अब किसानों को 15वीं किस्त का इंतजार है.

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दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से इस योजना की शुरुआत की गई है. इसका मकसद है देश के छोटे और सीमांत किसानों को महाजन और साहूकारों के चंगुल से बचाना. साथ ही उनकी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए रकम मुहैया कराना. किसान योजना के तहत सरकार किसानों के खाते में सीधे पैसे डालती है. इसके कोई बिचौलिया नहीं होता.

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केंद्र सरकार पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के बैंक खाते में छह हजार रुपये की राशि तीन किस्तों में देती है. किसानों को ये राशि दो-दो हजार रुपये की किस्त में साल में तीन बार मिलती है.पीएम मोदी ने अभी हाल ही में झारखंड के खूंटी से किसानों के खाते में बतौर 15वीं किस्त 18 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर किया था.

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इस योजना के सभी लाभुक किसानों के खाते में योजना की रकम पहुंच गई है. हालांकि कुछ किसान ऐसे हैं जिनके खाते में 2000 रुपये नहीं आये हैं. ऐसे में अगर आपके खाते में भा योजना की रकम नहीं आयी है तो घबराने की कोई बात नहीं है.

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दरअसल केंद्र की ओर से जारी रकम उन किसानों के खाते में नहीं पहुंचे हैं जिन्होंने अभी तक अपना ई-केवाईसी नहीं करवाया है. पीएम किसान योजना का लाभुक बनने के लिए केंद्र सरकार की आवश्यक है कि किसानों का अपना ईकेवाईसी कराना होगा. जिन किसानों ने अभी तक ईकेवाईसी नहीं करवाया है उनके खाते में राशि नहीं आई है.

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ई-केवाईसी के अलावा उन किसानों के खाते में भी सम्मान निधि की रकम नहीं पहुंचेगी जिन्होंने अब तक भू-सत्यापन नहीं कराया है. सम्मान निधि की रकम लेने के लिए बेनिफिशियरी लिस्ट में नाम होने के साथ-साथ भी-सत्यापन करना आवश्यक है.

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अगर किसी किसान का ईकेवाईसी और भू-सत्यापन पूरा हो चुका है और बेनिफिशियरी लिस्ट में उसका नाम भी है, इसके बाद भी खाते में योजना की रकम नहीं आई है तो किसान अपनी शिकायत पीएम किसान योजना के लिए बनाए गए हेल्प डेस्क में कर सकते हैं.

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पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ी किसी भी तरह की शिकायत के लिए 011-243 00 606 और 155 261 या टोल फ्री नंबर 1800 1155 266 पर कॉल कर सकते हैं. लाभार्थी किसान pmkisan-ict@gov.in और pmkisan-funds@gov.in पर ईमेल भी कर सकते हैं.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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