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शहरी बेरोजगारों के लिए रोजगार गारंटी योजना, पीएम की आर्थिक सलाहकार परिषद का सुझाव

Updated at : 18 May 2022 10:22 PM (IST)
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शहरी बेरोजगारों के लिए रोजगार गारंटी योजना, पीएम की आर्थिक सलाहकार परिषद का सुझाव

परिषद ने देश में आय में असमानता को कम करने के लिए एक समान (यूनिवर्सल) बुनियादी आय योजना पेश करने के साथ सामाजिक क्षेत्र के लिए अधिक धन आवंटित करने की भी सिफारिश की है. ईएसी-पीएम (EAC-PM) की रिपोर्ट ‘भारत में असमानता की स्थिति’ को ‘प्रतिस्पर्धा संस्थान’ द्वारा तैयार किया गया है.

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नयी दिल्ली: शहरी बेरोजगारों के लिए अच्छी खबर है. उनके लिए सरकार रोजगार गारंटी योजना (Employment Guarantee Scheme) लाने की तैयारी कर रही है. प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) ने सरकार को शहरी बेरोजगारों के लिए रोजगार गारंटी योजना लाने का सुझाव दिया है.

आय में असमानता को कम करना उद्देश्य

परिषद ने देश में आय में असमानता को कम करने के लिए एक समान (यूनिवर्सल) बुनियादी आय योजना पेश करने के साथ सामाजिक क्षेत्र के लिए अधिक धन आवंटित करने की भी सिफारिश की है. ईएसी-पीएम (EAC-PM) की रिपोर्ट ‘भारत में असमानता की स्थिति’ को ‘प्रतिस्पर्धा संस्थान’ द्वारा तैयार किया गया है.

रिपोर्ट में दिये गये हैं कई सुझाव

ईएसी-पीएम के चेयरमैन विवेक देबरॉय ने रिपोर्ट में कहा गया है, ‘ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में श्रमबल की भागीदारी दर के बीच के अंतर को देखते हुए ‘मनरेगा’ जैसी योजनाओं को शहरों में पेश किया जाना चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को फिर से काम दिया जा सके.’

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न्यूनतम आय बढ़ाने का भी है सुझाव

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि न्यूनतम आय बढ़ाना और समान बुनियादी आय शुरू करना कुछ ऐसी सिफारिशें हैं, जो श्रम क्षेत्र में आय के अंतर को कम कर सकती हैं और आय का समान वितरण कर सकती है.

लोगों को गरीबी में जाने से रोका जाये

आर्थिक सलाहकार परिषद ने अपनी सिफारिश में कहा, ‘सबसे जरूरी. सरकार को सामाजिक सेवा क्षेत्र में खर्च के लिए उच्च आवंटन करना चाहिए, ताकि सबसे कमजोर आबादी को अचानक किसी झटके के निपटने के लिए जुझारू बनाया जा सके और उन्हें गरीबी में जाने से रोका जा सके.’

इस आधार पर तैयार की गयी है रिपोर्ट

ईएसी-पीएम के अनुसार, यह रिपोर्ट स्वास्थ्य, शिक्षा, घरेलू विशेषताओं और श्रम बाजार के क्षेत्रों में असमानताओं पर एकत्र जानकारी के आधार पर तैयार की गयी है. अगर इस रिपोर्ट पर अमल हुआ, तो शहरी बेरोजगारों के लिए काम सुनिश्चित किया जायेगा, जिससे बेरोजगारी की दर में कमी आयेगी. उनका परिवार खुशहाल होगा.

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