Parliament Session Live : परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ कड़े प्रावधान वाले विधेयक पर सत्तापक्ष और विपक्ष में बनी सहमति, कल चर्चा की संभावना
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NEET परीक्षा विवाद को लेकर सरकार कई कदम उठा रही है. 27 जुलाई को सत्र के दौरान सरकार की ओर से पेपर लीक बिल पेश किया गया. CJP ने अपनी मांगें माने जाने के बाद आंदोलन खत्म कर दिया है, लेकिन विपक्ष सरकार को संसद में लगातार घेर रहा है. संसद सत्र की हर अपडेट के लिए बने रहें प्रभात खबर के साथ.
राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित, विपक्ष का नहीं थम रहा हंगामा
नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक सोमवार को चार बार के स्थगन के बाद शाम पांच बज कर पंद्रह मिनट पर मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ कड़े प्रावधान वाले विधेयक पर सत्तापक्ष और विपक्ष में सहमति
पीटीआई की खबर के अनुसार परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कड़े प्रावधान वाले विधेयक पर सत्तापक्ष और विपक्ष में सहमति बन गई है. कल 28 जुलाई को चर्चा शुरू होने की उम्मीद की जा रही है.
राज्यसभा में हंगामा जारी, संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष पर लगाया सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप
राज्यसभा में भी विपक्ष का हंगामा जारी है. विपक्ष छात्रों के खिलाफ कार्रवाई और हिंसा पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जवाब चाहते हैं. इधर संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया है.
लोकसभा की कार्यवाही स्थगित
विपक्ष के लगातार हंगामे को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही को आज के लिए स्थगित कर दिया गया. कार्यवाही 28 जुलाई, 2026 को सुबह 11:00 बजे फिर से शुरू होगी.
कांग्रेस सांसदों का संसद के बाहर पंजाब पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन, भगवंत मान का मांगा इस्तीफा
पंजाब कांग्रेस के सांसदों ने राज्य में कथित पेपर लीक और सफाई कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस सांसदों ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की.
डिंपल बोलीं हम चाहते हैं सत्र चले
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव कहती हैं, "विपक्ष निश्चित रूप से चाहता है कि सत्र चले क्योंकि हम चाहते हैं कि चर्चा हो. हमने पहले NEET पर बहस की मांग की थी, लेकिन सरकार तब तैयार नहीं थी. जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन हुआ; 20 तारीख को छात्रों के साथ मारपीट और हिंसा हुई और यह सब उन्हीं रास्तों पर हुआ जिनका इस्तेमाल हम सभी करते हैं. वहां बैरिकेड लगाए गए, इंटरनेट बंद कर दिया गया, और इस स्थिति के लिए सरकार जिम्मेदार है. हम चाहते हैं कि गृह मंत्री सदन में आएं और बताएं कि ऐसा क्यों हुआ. साथ ही, हमारी मांग है कि सरकार सदन में यह घोषणा करे कि वह छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी कानूनी मामले वापस लेगी."
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