MP Weather Today: जाते-जाते मॉनसून कर सकता है खेला, 23 सितंबर को बाहर निकलने से पहले जान लीजिए अगले 48 घंटे का हाल
तेज बारिश के दौरान एक रिक्शावाला, फोटो ~ ANI
मध्य प्रदेश में 23 सितंबर को फिर बरसेगा मॉनसून. जानिए आपके जिले का मौसम अलर्ट और किसानों के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय.
MP Weather Update : मध्य प्रदेश में अगर आप यह सोचकर इत्मीनान से बैठे थे कि मॉनसून ने बोरिया-बिस्तर समेट लिया है और अब सीधे गुलाबी ठंड आएगी, तो थोड़ा रुक जाइए. विदाई की दहलीज पर खड़े मॉनसून का मन अभी एमपी छोड़ने का नहीं दिख रहा. बंगाल की खाड़ी के नए वेदर सिस्टम के असर से 23 सितंबर को प्रदेश के कई जिलों में मौसम फिर से पलटी मारने वाला है.
23 सितंबर के मौसम का क्विक स्नैपशॉट
| संभाग / प्रमुख जिले | मौसम का हाल | अलर्ट लेवल |
| भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा | गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बौछारें | येलो अलर्ट |
| इंदौर, उज्जैन, देवास, धार | बादलों की गड़गड़ाहट, स्थानीय स्तर पर बारिश | येलो अलर्ट |
| जबलपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी | तेज बारिश की संभावना, बिजली चमकने का खतरा | येलो / ऑरेंज अलर्ट |
| रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली | रुक-रुक कर बौछारें, बादलों का पहरा | येलो अलर्ट |
| ग्वालियर, चंबल, शिवपुरी | आंशिक बादल, कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी | सामान्य से मध्यम |
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, हवाओं में नमी लगातार बढ़ रही है. इसका नतीजा यह है कि 23 सितंबर को प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी, दोनों हिस्सों में बादलों की तगड़ी आवाजाही रहेगी. दिन में बादलों की गड़गड़ाहट और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के पूरे आसार हैं.
23 सितंबर: आपके जिले का मौसम क्या कहता है?
भोपाल और मध्य संभाग
भोपाल, सीहोर, रायसेन और विदिशा में सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा रहेगा. दोपहर या शाम के समय तेज हवाओं के साथ बारिश के एक-दो अच्छे स्पेल देखने को मिल सकते हैं, जिससे दिन के पारे में गिरावट आएगी.
इंदौर और मालवा-निमाड़
इंदौर, उज्जैन, देवास और धार में दिन की शुरुआत हल्की उमस के साथ होगी. दोपहर बाद गरज-चमक के साथ स्थानीय स्तर पर बादलों का बरसना तय माना जा रहा है.
जबलपुर और महाकोशल
जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और मंडला में मौसम का रुख सबसे ज्यादा एक्टिव रह सकता है. पूर्वी बेल्ट में नमी अधिक होने की वजह से आकाशीय बिजली चमकने और भारी बौछारों का रिस्क बना हुआ है.
ग्वालियर-चंबल और विंध्य
रीवा, सतना और सीधी में रुक-रुक कर बौछारें पड़ेंगी. वहीं ग्वालियर, शिवपुरी और गुना के अंचल में धूप-छांव के बीच कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है.
किसानों के लिए क्या है सबसे जरूरी बात?
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए 23 सितंबर का दिन काफी सतर्क रहने वाला है. खेतों में सोयाबीन, मक्का और उड़द की फसलें पकने की कगार पर हैं या कई जगह कटाई शुरू हो चुकी है.
1. फसल कटाई पर रखें ब्रेक
जिन जिलों में तेज हवा और गरज-चमक का अलर्ट है, वहां कटी हुई फसल को खुले खलिहान में छोड़ने की गलती न करें. उसे तिरपाल या शेड में सुरक्षित ढक कर रखें ताकि दानों की चमक न जाए.
2. जलभराव से बचाव
जिन खेतों में मक्का या सब्जियां लगी हैं, वहां पानी जमा न होने दें. जल निकासी का रास्ता साफ रखें.
3. स्प्रे और खाद पर रोक
मौसम विभाग की साफ सलाह है कि बारिश और तेज हवा के दौरान कीटनाशक (Pesticides) का छिड़काव बिल्कुल न करें, वरना दवा बह जाएगी और लागत बेकार जाएगी.
4. बिजली से सुरक्षा
बादलों की गड़गड़ाहट होते ही किसान भाई खुले खेतों, ट्यूबवेल या ऊंचे पेड़ों के नीचे बिल्कुल न रुकें. तुरंत किसी पक्के मकान की ओट लें.
आगे 48 घंटे में क्या होगा?
23 सितंबर से शुरू हुआ यह दौर 24 और 25 सितंबर को और व्यापक हो सकता है. बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाएं पूर्वी मध्य प्रदेश के रास्ते पश्चिमी हिस्सों तक असर दिखाएंगी. यानी अगर आप बाहर निकलने या यात्रा की तैयारी में हैं, तो रेनकोट और छाता साथ रखना ही समझदारी होगी.
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