Pakistan Train Hijack: ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’, ट्रेन हाईजैक के पीछे पाकिस्तान ने बता दिया भारत का हाथ

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Pakistan Train Hijack

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Pakistan Train Hijack: पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को एक सुरंग में बलूच आतंकवादियों ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक कर लिया. अब तक 30 घंटे से अधिक समय गुजर गए हैं, लेकिन ट्रैन को छुड़ाया नहीं जा सका है. सैन्य अभियान जारी है.

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Pakistan Train Hijack: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को बलूच लिबरेशन आर्मी ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक कर लिया है. अब तक ट्रेन को छुड़या नहीं जा सका है. ट्रेन में 400 से 500 यात्री सवार थे. अभियान जारी है. इस बीच पाकिस्तान ने ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ मुहावरे को सही साबित करते हुए इस घटना के पीछे भारत का हाथ होने का गंदा आरोप लगाया है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह खान ने एक डॉट न्यूज के साथ बातचीत में भारत पर गंभीर आरोप लगाया. टीपी के एंकर ने राणा से ट्रेन हाईजैक को लेकर सवाल पूछा, तो उसने कहा – ये भारत कर रहा है, उसमें कोई शक नहीं है. उसने आगे कहा- बलूचिस्तान को भारत से मदद मिल रही है और अफगानिस्तान में बीएलए को सुरक्षित पनाह मिल रही है.

ट्रेन हाईजैक मामले में अब तक 27 आतंकवादी मारे गए, 30 सैन्यकर्मियों की भी मौत

पाकिस्तान ट्रेन हाईजैक मामले में सुरक्षा बलों ने अब तक 27 आतंकवादियों को मार गिराया है. जबकि 155 यात्रियों को बचा लिया गया है. मुठभेड़ में अब तक 30 सैन्यकर्मियों की मौत हो गई है. सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी जारी है. बचाव अभियान के दौरान 37 यात्री घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर जा रही थी ट्रेन, बलूच लिबरेशन आर्मी ने सुरंग में किया हाईजैक

9 डिब्बों में लगभग 500 यात्रियों को लेकर जाफर एक्सप्रेस ट्रेन क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर जा रही थी तभी सशस्त्र हमलावरों ने मंगलवार की दोपहर को बोलान क्षेत्र में पीरू कुनरी और गुदलार के पहाड़ी इलाकों के पास एक सुरंग में उसे रोक लिया.‘बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी’ (बीएलए) ने बाद में इस हमले की जिम्मेदारी ली.

बोलान क्वेटा और सिबी के बीच 100 किलोमीटर से अधिक लंबा पहाड़ी इलाका

बोलान क्वेटा और सिबी के बीच 100 किलोमीटर से अधिक लंबा पहाड़ी इलाका है. इस इलाके में 17 सुरंग हैं, जिनसे होकर रेलवे पटरी गुजरती है. दुर्गम इलाका होने की वजह से यहां ट्रेन की गति अक्सर धीमी रहती है.

सैन्य अभियान जारी

सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि शेष आतंकवादियों को मार गिराने के लिए सुरक्षा बलों का अभियान जारी है. बताया जा रहा है, आतंकवादियों ने अंधेरे का लाभ उठा कर भागने के लिए अब छोटे-छोटे समूह बना लिए हैं, लेकिन सुरक्षा बलों ने सुरंग को घेर लिया है. पाकिस्तानी मीडिया ने उस सुरंग के पास भीषण गोलीबारी और विस्फोट की खबर दी है, जहां आतंकवादियों ने ट्रेन पर हमला किया.

बीएलए ने सभी यात्रियों को मारने की धमकी दी थी

बीएलए ने एक बयान में चेतावनी दी थी कि अगर पाकिस्तान की सेना कोई अभियान चलाती है, तो सभी बंधकों को मार दिया जाएगा. इस समूह पर पाकिस्तान, ब्रिटेन और अमेरिका में प्रतिबंध है. बलूचिस्तान में पिछले एक साल में आतंकवादी हमलों में बढ़ोतरी देखी गई है. पिछले साल नवंबर में क्वेटा रेलवे स्टेशन पर एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को बम से उड़ा लिया था जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी और 62 अन्य घायल हो गए थे. इसके बाद रेलवे ने कई सेवाएं स्थगित कर दी थीं.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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