बालासोर ट्रेन हादसे से दशहत में बच्चे: ढहाया जा रहा स्कूल, रखे गये थे यात्रियों के शव
Published by : Pritish Sahay Updated At : 09 Jun 2023 7:10 PM
Odisha Train Accident: स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि दुर्घटना में मारे गए लोगों के शवों को स्कूल परिसर में रखा गया था जिसके कारण बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं. वहीं गुरुवार को जिलाधिकारी ने स्कूल का दौरा किया था. उन्होंने कहा कि नया भवन 4 से 5 महीनों में बनाया जाएगा.
Odisha Train Accident: ओडिशा के बालासोर ट्रेन हादसे के बाद बहानागा स्कूल के उस भवन को ध्वस्त किया जा रहा है जिसमें दुर्घटना में मारे गये लोगों के शवों को रक्षा गया था. स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि दुर्घटना में मारे गए लोगों के शवों को स्कूल परिसर में रखा गया था जिसके कारण बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं. अभिभावक और बच्चों का कहना है कि वहां पर शवों को रखा गया था हम वहां नहीं जाएंगे.
4 से 5 महीनों में बनेगा नया भवन
स्कूल के शिक्षक ने बताया कि कल यानी गुरुवार को जिलाधिकारी ने स्कूल का दौरा किया था. उन्होंने कहा कि ये सब एक अंधविश्वास है. जिन कमरों में शवों को रखा गया था उसको तोड़ कर नया भवन 4 से 5 महीनों में बनाया जाएगा. तब तक के लिए अस्थायी व्यवस्था कर बच्चों को पढ़ाया जाएगा.
अभिभावक और बच्चे कह रहे हैं कि वहां पर शवों को रखा गया था हम वहां नहीं जाएंगे। कल जिलाधिकारी ने दौरा किया था। ये सब एक अंधविश्वास है। जिन कमरों में शवों को रखा गया था उसको तोड़ कर नया भवन 4-5 महीनों में बनाया जाएगा। तब तक के लिए अस्थायी व्यवस्था कर बच्चों को पढ़ाया जाएगा: स्कूल… pic.twitter.com/OW86vKraD9
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 9, 2023
65 साल पुराना है स्कूल
ओडिशा सरकार ने आज यानी शुक्रवार को 65 साल पुराने बाहानगा हाई स्कूल की इमारत को गिराना शुरू कर दिया है. विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में इमारत को गिराया जा रहा है. एसएमसी ने कहा था कि विद्यालय भवन पुराना है और सुरक्षित नहीं है, वहीं बच्चे भी इसलिए स्कूल नहीं आ रहे हैं क्योंकि कोरोमंडल एक्सप्रेस दुर्घटना में मारे गए लोगों के शव वहां रखे गए थे. इसके बाद इमारत को गिराने का फैसला किया गया.
सीएम नवीन पटनायक ने की थी बैठक
बता दें, एसएमसी के फैसले और स्थानीय लोगों के साथ अभिभावकों के अनुरोध पर प्रदेश के सीएम नवीन पटनायक ने कल यानी गुरुवार को मुख्य सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और संस्थान के पुनर्निर्माण की मंजूरी दे दी. उन्होंने पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला और डिजिटल कक्षाओं समेत आधुनिक सुविधाओं के साथ आदर्श विद्यालय का निर्माण करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है.
Also Read: सचिन पायलट की नई पार्टी पर केसी वेणुगोपाल ने कहा- यह महज एक अफवाह, साथ मिलकर लड़ेंगे चुनाव
स्कूल में रखे गये थे मृतकों के शव
गौरतलब है कि ओडिशा के बालासोर में दो जून को हुए रेल हादसे में मारे गये 288 यात्रियों के शवों को इस स्कूल में रखा गया था. इस हादसे में 1200 से अधिक लोग घायल भी हुए थे. स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) ने शुरू में शव रखने के लिए केवल तीन कक्षाओं की अनुमति दी थी. बाद में जिला प्रशासन ने पहचान के लिए शवों को रखने के लिए स्कूल के हॉल का इस्तेमाल किया था. दो दिन बाद शवों को राज्य सरकार ने स्कूल से हटा कर भुवनेश्वर के विभिन्न अस्पतालों में स्थानांतरित कर दिया था.
भाषा इनपुट के साथ
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










