नहीं होता बालासोर हादसा! ओडिशा रेल हादसे से 2 महीने पहले ही रेलवे बोर्ड ने किया था अलर्ट

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 15 Jun 2023 9:51 AM

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Balasore Rail Accident: रेलवे बोर्ड ने पत्र में लिखा था कि रेलवे ने सुरक्षा की दृष्टि से कई मानक तय किये हैं. जैसे यदि पटरियों का मेंटीनेंस हुआ है तो पहले उसका प्रॉपर चेक करने की जरूरत है.

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Balasore Rail Accident: ओडिशा में पिछले दिनों हुए ट्रेन हादसे ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था. हादसे में ढाई सौ से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. इस हादसे के बाद जो अब खबर सामने आयी है, वो चौंकाने वाली है. दरअसल, रेलवे बोर्ड ने अप्रैल में सभी जोनल चीफ ऑफिसर्स को कर्मचारियों से शॉर्ट कट तरीकों से बचने के लिए कहा था. उन्होंने इसे खतरनाक बताया था.

अंग्रेजी वेबसाइट हिंदुस्तान टाइम्स ने इस संबंध में एक खबर प्रकाशित की है जिसमें कहा गया है कि रेलवे बोर्ड ने इन घटनाओं को चिंताजनक करार दिया था और सुरक्षा बैठकों में हर हफ्ते इन पहलुओं की समीक्षा करने को कहा था. बोर्ड ने 3 अप्रैल को एक पत्र लिखा और सभी जोनल प्रमुखों को कहा कि हाल ही में, विभिन्न जोनल रेलवे पर असुरक्षित साइड वाले पॉइंट्स पर पांच घटनाएं हुई हैं. यह चिंताजनक और गंभीर चिंता का विषय है.

रेलवे बोर्ड ने क्या कहा

रेलवे बोर्ड ने पत्र में लिखा था कि रेलवे ने सुरक्षा की दृष्टि से कई मानक तय किये हैं. जैसे यदि पटरियों का मेंटीनेंस हुआ है तो पहले उसका प्रॉपर चेक करने की जरूरत है. इसके बाद ही उसको सिग्निलिंग गियर से जोड़ने का काम किया जाएगा. लेकिन सिग्नलिंग और टेलीकॉम कर्मचारी जल्दबाजी और काम से बचने का प्रयास करते हैं. वे इसे वैसे ही जोड़ देते हैं. शुरुआती कार्य के दौरान गलत वायरिंग पर ध्यान देना, सिग्नल को दुरुस्त रखना… इस तरह के कुछ मानक हैं जिनसे आप हादसों को रोकने में कामयाब होते हैं. बोर्ड की ओर से सचेत किया गया था कि यदि इस तरह की गलतियां होंगी तो ये दर्शाता है कि रेलवे के कोड मैनुअल को आप कमजोर कर रहे हैं. इससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है.

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बालासोर में दर्दनाक हादसे की जांच जारी

यहां चर्चा कर दें कि 2 जून की शाम को बालासोर में दर्दनाक हादसा हुआ था जिससे पूरे देश में शोक की लहर दौड़ पड़ी. इसके करीब दो महीने पहले पत्र भेजा गया था. हादसे में कोलकाता-चेन्नई (कोरोमंडल एक्सप्रेस), बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी में टक्कर हुई थी जिसकी जांच चल रही है. रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) के साथ-साथ सीबीआई भी मामले की जांच कर रही है. रेलवे बोर्ड ने लेटर में ये भी कहा था कि बार-बार इस तरह की घटनाएं होने से पता चल रहा है कि बार-बार निर्देश देने के बाद भी जमीनी स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है.

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लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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