नूंह हिंसा: एक्शन में हरियाणा पुलिस, कांग्रेस विधायक मामन खान गिरफ्तार

Updated:
विज्ञापन
नूंह हिंसा: एक्शन में हरियाणा पुलिस, कांग्रेस विधायक मामन खान गिरफ्तार

Nuh Violence Case: फिरोजपुर झिरका के विधायक खान ने मंगलवार को कोर्ट का रुख कर गिरफ्तारी से राहत का अनुरोध किया था और दावा किया था कि उन्हें इस मामले में फंसाने का काम किया जा रहा है.

विज्ञापन

नूंह हिंसा मामले में हरियाणा पुलिस पूरी तरह से सक्रिय नजर आ रही है. जानकारी के अनुसार मामले में कांग्रेस विधायक मामन खान को गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तारी के बचने के लिए खान ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी जिसपर गुरुवार को सुनवाई हुई. हरियाणा सरकार ने हाई कोर्ट को बताया कि नूंह हिंसा के बाद दर्ज प्राथमिकी में कांग्रेस विधायक मामन खान को भी आरोपी बनाया गया है. सरकार की ओर से यह भी दावा किया कि पुलिस के पास फोन कॉल रिकॉर्ड और अन्य सबूत हैं जिससे इस बात को बल मिल रहा है कि हिंसा में इनका भी हाथ है.

हरियाणा के अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक सभरवाल ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट को बताया कि कांग्रेस विधायक मामन खान के खिलाफ सबूतों का ‘‘उचित मूल्यांकन’’ करने के बाद उन्हें चार सितंबर को आरोपी बनाने का काम किया गया है. बाद में सभरवाल ने मीडिया से बात की और बताया कि खान के खिलाफ ‘‘पर्याप्त सबूत’’ मौजूद हैं.

Also Read: नूंह हिंसा के मुख्य आरोपी मोनू मानेसर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया, सुबह हुई थी गिरफ्तारी

आपको बता दें कि फिरोजपुर झिरका के विधायक खान ने मंगलवार को कोर्ट का रुख कर गिरफ्तारी से राहत का अनुरोध किया था और दावा किया था कि उन्हें इस मामले में फंसाने का काम किया जा रहा है. हिंसा भड़कने के दिन वह नूंह में मौजूद नहीं थे. विधायक के वकील ने सुनवाई के बाद मीडिया से बात की और कहा कि खान को अभी पता चला है कि उनका नाम प्राथमिकी में दर्ज है. न्यायमूर्ति विकास बहल मामले की अगली सुनवाई 19 अक्टूबर को करेंगे.

क्या है मामला

यहां चर्चा कर दें कि नूंह में 31 जुलाई को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेतृत्व वाली शोभायात्रा पर भीड़ द्वारा हमला किया गया था. हिंसा में छह लोगों की जान चली गई थी. वहीं बगल के गुरुग्राम में एक मस्जिद पर हुए हमले में एक मौलवी की मौत हो गई थी. इस हिंसा के बाद पूरे हरियाणा की पुलिस एक्शन में आ गई थी और हिंसा रोकने के लिए हर कदम उठाये गये थे. हिंसा के बाद से ही पुलिस मामले की लगातार जांच कर रही है और आरोपियों को पकड़ रही है.

विधायक को नूंह पुलिस ने दो बार कहा था जांच में शामिल होने के लिए

कांग्रेस विधायक मामन खान ने अनुरोध किया कि नूंह में हिंसा से जुड़े सभी मामले एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) को स्थानांतरित कर दिए जाने चाहिए सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि एक एसआईटी पहले ही गठित की जा चुकी है. इससे पूर्व, विधायक को नूंह पुलिस ने दो बार जांच में शामिल होने के लिए कहा था, लेकिन वह पुलिस के सामने नहीं आये थे. उन्होंने यह कहते हुए 31 अगस्त के लिए पुलिस समन का पालन नहीं किया कि वह वायरल बुखार की चपेट में हैं. अपनी याचिका में खान ने कहा कि 26 जुलाई से एक अगस्त तक वह गुरुग्राम स्थित अपने घर पर थे, न कि नूंह में.

Also Read: Nuh Violence: ‘नूंह हिंसा में कांग्रेस का हाथ’ अनिल विज का बयान, कहा- 140 केस दर्ज.. 500 लोग गिरफ्तार

लेकिन सरकार के वकील ने सुनवाई के बाद कहा कि सबूत खान के दावे के खिलाफ हैं. सभरवाल ने कहा कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड, एक फोन टावर के माध्यम से ट्रैक की गई उनकी लोकेशन, विधायक के निजी सुरक्षा अधिकारी का एक बयान और अन्य सबूत, खान के दावे को ‘‘झूठा’’ साबित करते हैं. उन्होंने कहा कि कोर्ट को बताया गया कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है. प्राथमिकी के 52 आरोपियों में से 42 को गिरफ्तार किया जा चुका है और एक आरोपी नियमित जमानत पर है. कोर्ट को जांच एजेंसी द्वारा उसके खिलाफ जुटाए गए सभी सबूतों से अवगत कराया गया. राज्य के वकील ने कोर्ट को बताया कि सह-आरोपी तौफीक ने भी खान का नाम लिया है. तौफीक को नौ सितंबर को गिरफ्तार किया गया था.

भाषा इनपुट के साथ

विज्ञापन
अमिताभ कुमार

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : [email protected]

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola