नूंह हिंसा के मुख्य आरोपी मोनू मानेसर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया, सुबह हुई थी गिरफ्तारी

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नूंह हिंसा के मुख्य आरोपी मोनू मानेसर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया, सुबह हुई थी गिरफ्तारी

हरियाणा पुलिस मोनू मानेसर को राजस्थान पुलिस के हवाले कर देगी और राजस्थान पुलिस ही उससे माॅब लिंचिंग के बारे में पूछताछ करेगी. नसीर और जुनैद की हत्याकांड का मोनू मानेसर मास्टर माइंड है.

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हरियाणा के नूंह में हुई हिंसा के मुख्य आरोपी मोनू मानेसर को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. मंगलवार सुबह हरियाणा पुलिस ने मोनू को हिरासत में लिया था. जानकारी के अनुसार मोनू मानेसर को माॅब लिंचिंग के मामले में हिरासत में लिया गया है. मोनू मानेसर पर जुनैद और नसीर की हत्याकांड में शामिल होने का आरोप है. बताया जा रहा है कि पुलिस मोनू मानेसर से पूछताछ करेगी.


राजस्थान पुलिस करेगी मोनू से पूछताछ

हरियाणा पुलिस मोनू मानेसर को राजस्थान पुलिस के हवाले कर देगी और राजस्थान पुलिस ही उससे माॅब लिंचिंग के बारे में पूछताछ करेगी. नसीर और जुनैद की हत्याकांड का मोनू मानेसर मास्टर माइंड है. नूंह हिंसा के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे और हिंसा की आग भड़क उठी थी. अगस्त 2023 में नूंह में हिंसा हुई थी.

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नूंह हिंसा को भड़काने का आरोप

गोरक्षक मोनू मानेसर को पुलिस ने मंगलवार को हिरासत में लिया, जिसके खिलाफ फरवरी में दो मुस्लिम व्यक्तियों की हत्या के लिए राजस्थान पुलिस ने मामला दर्ज किया था. मोनू मानेसर पर नूंह में हुई हिंसा के लिए भीड़ को उकसाने का भी आरोप लगा था. उक्त जानकारी मोनू मानेसर के संगठन ने दी है. वह बजरंग दल का कार्यकर्ता है.

विहिप ने की हिरासत में लिये जाने की पुष्टि

हालांकि हरियाणा पुलिस ने बजरंग दल के कार्यकर्ता मोनू मानेसर को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि नहीं की है. हालांकि बजरंग दल के मूल संगठन विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के एक पदाधिकारी ने बताया कि मोनू को गुरुग्राम के मानेसर से हिरासत में लिया गया है. एक वीडियो में कथित तौर पर उसे सादे कपड़े पहने हुए लोगों द्वारा हिरासत में लेते दिखाया गया है. मोनू मानेसर का असली नाम मोहित यादव है.

वीडियो जारी कर शोभायात्रा में शामिल होने की अपील की थी

ज्ञात हो कि हरियाणा के नूंह में अगस्त महीने में हिंसा हुई थी. हिंसा से पहले मोनू मानेसर का एक वीडियो सामने आया था जिसमें उसने बताया था कि वह बृज मंडल जलाभिषेक शोभायात्रा में शामिल होगा और उसने लोगों से भी इसमें शामिल होने का आग्रह किया था. विहिप के नेतृत्व वाली इस यात्रा पर भीड़ ने हमला कर दिया था. इस हिंसा में नूंह और गुरुग्राम के छह लोग मारे गए थे. कई दिनों तक नूंह और आसपास के जिलों में तनाव रहा. प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी थी और निषेधाज्ञा भी लागू कर दिया था. इधर विहिप के पदाधिकारी वरुण शर्मा ने दावा किया है कि मानेसर के विरुद्ध कोई मामला नहीं है. उन्होंने कहा,बजरंग दल के कार्यकर्ता को बिना किसी कारण परेशान किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हम मोनू के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का विरोध करते हैं.

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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