लद्दाख में हाई-टेक एयरशिप तैनात करेगा भारत, 24x7 निगरानी से सीमा सुरक्षा होगी और मजबूत

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DRDO Airship की डेमो इमेज (फोटो : X)

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भारत जल्द ही लद्दाख में हाई-एल्टीट्यूड एयरशिप तैनात करने जा रहा है, जो 24x7 सीमा पर निगरानी रखेगा. डीआरडीओ द्वारा विकसित यह अत्याधुनिक एयरशिप करीब 20 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरकर दुश्मन की हर गतिविधि पर रियल टाइम नजर रख सकेगा. आधुनिक सेंसर, कैमरे और रडार से लैस यह प्रणाली सेना को समय रहते अलर्ट देगी और घुसपैठ रोकने में मदद करेगी.

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Ladakh Security Surveillance : भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है. जल्द ही लद्दाख के ऊंचे इलाकों में एक मोडर्न हाई-एल्टीट्यूड एयरशिप तैनात किया जाएगा, जो 24 घंटे और सातों दिन सीमा पर नजर रखेगा. इस तकनीक के जरिए सेना को दुश्मन की हर गतिविधि की रियल टाइम जानकारी मिलेगी.

DRDO कर रहा विकसित

यह एयरशिप रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की ओर से विकसित किया जा रहा है. इसे खासतौर पर ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में निगरानी के लिए डिजाइन किया गया है. एयरशिप में लगे आधुनिक सेंसर, कैमरे और रडार लंबी दूरी तक गतिविधियों पर नजर रखने में सक्षम होंगे.

संदिग्ध गतिविधियों पर नजर

जानकारी के मुताबिक, यह प्लेटफॉर्म करीब 20 किलोमीटर (लगभग 66 हजार फीट) की ऊंचाई तक काम कर सकेगा. इसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखना, संदिग्ध गतिविधियों का तुरंत पता लगाना और सेना को समय रहते अलर्ट देना है.

अंतिम चरण में परीक्षण

यह परियोजना फिलहाल परीक्षण के अंतिम चरण में है. सफल परीक्षण के बाद इसे सबसे पहले लद्दाख में तैनात किया जाएगा. भविष्य में जरूरत के अनुसार अन्य संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.

सीमा सुरक्षा को मजबूती

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह हाई-टेक एयरशिप भारत की सीमा सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देगा. लगातार निगरानी की क्षमता बढ़ने से घुसपैठ, दुश्मन की गतिविधियों और किसी भी आपात स्थिति पर सेना की प्रतिक्रिया पहले से अधिक तेज और प्रभावी हो सकेगी. भारत की रक्षा तैयारियों में यह नई तकनीक एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है, जो सीमाओं की सुरक्षा को आधुनिक और अधिक भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है.

अब वैश्विक तकनीक की राह में भारत

दूसरे देशों से तुलना करें तो भारत का यह कदम सीमा निगरानी के मामले में उसे नई तकनीकी क्षमता देने वाला है. अमेरिका लंबे समय से निगरानी एयरशिप, ड्रोन और उपग्रह आधारित प्रणालियों का उपयोग करता रहा है, जबकि चीन भी तिब्बत और सीमा क्षेत्रों में उन्नत निगरानी नेटवर्क मजबूत कर रहा है. रूस के पास भी सीमा सुरक्षा के लिए हवाई निगरानी तकनीक मौजूद है. भारत का हाई-एल्टीट्यूड एयरशिप इन देशों की तरह लगातार निगरानी, रियल टाइम जानकारी और ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में सुरक्षा क्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

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आलोक पाठक

लेखक के बारे में

By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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