MP Viral Video: लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा तो घूस के पैसे चबा गया पटवारी, देखें वीडियो
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 25 Jul 2023 10:09 PM
MP Viral Video : यह घटना तब हुई जब पटवारी गजेंद्र सिंह को अपने निजी कार्यालय में रिश्वत के रूप में 5000 रुपये मिले. इसके बाद लोकायुक्त की टीम छामारी करने पहुंची. देखें यह वायरल वीडियो
Madhya Pradesh Viral Video : मध्य प्रदेश का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसपर लोग लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं. बताया जा रहा है कि वीडियो कटनी का है, जहां राजस्व विभाग के एक पटवारी ने लोकायुक्त की विशेष पुलिस स्थापना (SPE) की एक टीम को देखकर कथित तौर पर 4500 रुपये की रिश्वत राशि निगल ली. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई ने अपने ट्विटर वॉल पर शेयर किया है. वायरल वीडियो को लगातार सोशल मीडिया पर लोग शेयर कर रहे है.
खबरों की मानें तो मध्य प्रदेश के कटनी में राजस्व विभाग के एक पटवारी ने सोमवार को लोकायुक्त की विशेष पुलिस स्थापना (एसपीई) की एक टीम को देखकर कथित तौर पर रिश्वत के रूप में ली गयी रकम निगल ली. इस घटना का वीडियो वायरल है जिसमें नजर आ रहा है कि पटवारी एक अस्पताल में है और अपना मुंह चला रहा है. उसके सामने एक सर्जिकल बाउल लेकर वार्ड ब्वाय खड़ा है.
क्या है पूरा मामला
मामले को लेकर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक संजय साहू ने जो जानकारी दी है, उसके अनुसार यह घटना तब हुई जब पटवारी गजेंद्र सिंह को अपने निजी कार्यालय में रिश्वत के रूप में 5000 रुपये मिले. अधिकारी ने कहा कि बरखेड़ा गांव के एक व्यक्ति ने हमसे शिकायत की थी कि सिंह रिश्वत की डिमांड कर रहा है. पैसे मिलने के बाद पटवारी ने एसपीई टीम को देखा और पैसे निगलने का प्रयास करने लगा. इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने कहा कि वह ठीक है. उन्होंने कहा कि उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है.
#WATCH मध्य प्रदेश: कटनी में राजस्व विभाग के एक पटवारी ने लोकायुक्त की विशेष पुलिस स्थापना (SPE) की एक टीम को देखकर कथित तौर पर 4500 रुपये की रिश्वत राशि निगल ली। pic.twitter.com/D2zWdIze8z
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 25, 2023
मीडिया में जो खबरें हैं उसके अनुसार, लोकायुक्त की टीम ने नोटों को निकलवाने का पूरा प्रयास किया. लेकिन उसने मुंह से रुपये नहीं निकाले तो उसे जिला चिकित्सालय ले जाया गया. जोर जबरदस्ती के बाद पटवारी गजेंद्र सिंह ने रिश्वत के चबे नोटों को पेट से निकाला. इस घटना के सामने आने के बाद सभी हैरान है. इस वीडियो की चर्चा केवल मध्य प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में हो रही है.
इस बीच आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में पटवारी भर्ती परीक्षा को लेकर राजनीति गरम है. पटवारी भर्ती परीक्षा को लेकर राजधानी भोपाल में हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों ने पिछले दिनों शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आयी. प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि पटवारी भर्ती परीक्षा में हुए घोटाले को लेकर भोपाल में हजारों की संख्या में अभ्यर्थी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं. मैं इनके प्रदर्शन का समर्थन करता हूं.
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गाेर हाे कि पिछले दिनों मीडिया में खबर आयी थी जिसमें, विपक्ष द्वारा इस भर्ती घोटाले के तार भाजपा विधायक संजीव कुमार कुशवाह से जोड़ने की सूचना थी. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो, पटवारी भर्ती परीक्षा में टॉप करने वाले 10 छात्रों में से 7 ग्वालियर के एनआरआई कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से हैं जिसके मालिक भिंड के विधायक संजीव कुशवाह बताये जा रहे हैं. मामले पर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का बयान भी सामने आया था. उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस ने परीक्षा में गड़बड़ी का मामला उठाना शुरू कर दिया. यह पूरी तरीके से कांग्रेस की साजिश का हिस्सा प्रतीत हो रहा है.
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मध्य प्रदेश में पटवारी परीक्षा को लेकर जमकर हंगामा हुआ. इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा फैसला लिया. उन्होंने प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा समूह- दो, उप समूह-चार एवं पटवारियों के लिए आयोजित की गयी भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं का आरोप लगने के बाद इस परीक्षा के आधार पर की जाने वाली नियुक्तियों पर रोक लगा दी. सीएम शिवराज के इस फैसले के पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन एवं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर पटवारियों के लिए आयोजित की गयी भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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