Video : तलाक के बाद बेटी का जश्न, जज पिता ने ढोल-नगाड़ों से स्वागत कर बदली समाज की सोच

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 05 Apr 2026 3:49 PM

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तलाक के बाद जश्न की तस्वीर (Photo: X)

Video : मेरठ में पति से तलाक मिलते ही रिटायर्ड जज ने बेटी का ढोल-नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत किया. इस दौरान घर में खुशी का माहौल दिखा. इसका वीडियो वायरल हो रहा है. नीचे देखें वीडियो.

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Video : मेरठ में एक अलग ही मिसाल देखने को मिली. पति से तलाक मिलने के बाद रिटायर्ड जज डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने अपनी बेटी प्रणिता वशिष्ठ का जोरदार स्वागत किया. फैमिली कोर्ट के जज शक्तिपुत्र तोमर ने शनिवार को तलाक मंजूर किया. इसके बाद घर में जश्न जैसा माहौल रहा. आमतौर पर तलाक को लोग बुरा मानते हैं, लेकिन इस परिवार ने इसे नई शुरुआत के तौर पर लिया. उनके इस कदम ने समाज को अलग सोच अपनाने का संदेश दिया और लोगों का ध्यान भी खींचा. इस घटना का वीडियो लोग सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं. देखें वीडियो.

प्रणिता वशिष्ठ की शादी 19 दिसंबर 2018 को हुई थी

डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने बेटी प्रणिता वशिष्ठ के तलाक के बाद उसका फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ जोरदार स्वागत किया, जिसकी इलाके में खूब चर्चा हो रही है. प्रणिता की तरफ से वकील राजीव गिरी और नसीब सैफी ने कोर्ट में पैरवी की. न्यूज एजेंसी पीटीआई  से बातचीत में वकील ने बताया कि प्रणिता वशिष्ठ की शादी 19 दिसंबर 2018 को शाहजहांपुर के मेजर गौरव अग्निहोत्री से हुई थी, लेकिन शुरुआत से ही सब ठीक नहीं रहा. आरोप है कि ससुराल वालों का व्यवहार अच्छा नहीं था और उन्हें लगातार मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक परेशानियां झेलनी पड़ीं. इससे उनका जीवन मुश्किल हो गया.

‘आई लव माय डॉटर’ से हुआ स्वागत

वकील के मुताबिक, एक बेटा होने के बाद भी हालात नहीं सुधरे, तो प्रणिता ने मेरठ फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दी. फैसला आते ही परिवार ने इसे दुख नहीं, बल्कि नई शुरुआत माना. घर पहुंचने पर डॉ. शर्मा ने बेटी को फूल-मालाएं पहनाकर स्वागत किया और मिठाइयां बांटीं. इस मौके पर परिवार के लोग काली टी-शर्ट में नजर आए, जिस पर ‘आई लव माय डॉटर’ लिखा था, जो सबका ध्यान खींच रहा था.

चुप न रहें महिलाएं : प्रणिता

प्रणिता वशिष्ठ तेजगढ़ी चौराहे पर स्थित ‘प्रणव वशिष्ठ जुडिशल अकादमी’ में फाइनेंस डायरेक्टर हैं और उन्होंने मनोविज्ञान में मास्टर्स किया है. उनके भाई प्रणव वशिष्ठ सुप्रीम कोर्ट के वकील थे, जिनका 2022 में चंडीगढ़ में एक हादसे में निधन हो गया था. प्रणिता ने महिलाओं से कहा कि अगर कोई प्रताड़ना झेल रही हैं तो चुप न रहें, अपने लिए खड़ी हों और खुद को मजबूत बनाएं.

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लेखक के बारे में

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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