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मणिपुर हिंसा: महिलाओं से बदसलूकी मामले की आज सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई, राज्य से बाहर ट्रायल चलाने की अपील

Updated at : 28 Jul 2023 11:32 AM (IST)
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मणिपुर हिंसा: महिलाओं से बदसलूकी मामले की आज सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई, राज्य से बाहर ट्रायल चलाने की अपील

मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने के मामले की आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा. इस मामले में केंद्र ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सरकार का रुख महिलाओं के खिलाफ किसी भी अपराध को बिल्कुल बर्दाश्त न करने का है.

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Manipur Violence, Supreme Court: मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने के मामले पर आज यानी शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा था. कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से सवाल किया था कि इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है. इससे पहले केंद्र ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया था कि मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र किए जाने वाले मामले की जांच का जिम्मा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI, सीबीआई) को सौंप दी गई है. केन्द्र ने कहा कि सरकार का रुख महिलाओं के खिलाफ किसी भी अपराध को बिल्कुल बर्दाश्त न करने का है. गृह मंत्रालय की ओर से यह भी कहा गया कि मंत्रालय मैतेई और कुकी दोनों समुदायों के संपर्क में है और मणिपुर में शांति बहाली के लिए बातचीत जारी है.

मणिपुर वीडियो मामले की सीबीआई जांच- केंद्र
गौरतलब है कि केंद्र की ओर से गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में यह जानकारी दी गई की मणिपुर हिंसा के दौरान दो महिलाओं को निर्वस्त्र किए जाने संबंधी घटना की जांच का जिम्मा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंप दी गई है. वहीं, गृह मंत्रालय ने अपने हलफनामे में शीर्ष अदालत से अपील की है कि इस  मामले की सुनवाई मणिपुर से बाहर स्थानांतरित किया जाये. केन्द्र का तर्क है कि इससे मुकदमे की सुनवाई समयबद्ध तरीके से पूरी हो सकेगी. गौरतलब है कि मणिपुर के कांगपोकपी में चार मई को दो महिलाओं के साथ भीड़ ने बर्बरता दिखाई थी. उन्हें निर्वस्त्र कर घुमाया गया था. घटना की जानकारी 19 जुलाई को सामने आए एक वायरल वीडियो के जरिए मिली थी.

सुप्रीम कोर्ट ने लिया था संज्ञान
मणिपुर हिंसा के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए उस वीडियो को लेकर शीर्ष न्यायालय ने इस पर संज्ञान लिया था. इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यह बहुत व्यथित करने वाली घटना है. हिंसा को अंजाम देने के लिए हथियार के रूप में महिलाओं का इस्तेमाल किसी भी संवैधानिक लोकतंत्र में पूरी तरह अस्वीकार्य है. इस मामले में प्रधान न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र और  मणिपुर सरकार को तत्काल एहतियाती कदम उठाने और घटना की पूरी जानकारी और सरकार इस पर क्या कार्रवाई कर रही है इसकी जानकारी देने का आदेश दिया था. इस मामले में केंद्र ने अपना जवाब दाखिल करते हुए कहा था कि मणिपुर सरकार ने 26 जुलाई 2023 को लिखे एक पत्र में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव से इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की थी.

मणिपुर सरकार अगस्त में आयोजित करेगी विधानसभा का विशेष सत्र
इधर,  मणिपुर सरकार ने घोषणा की है कि वह अगस्त के दूसरे या तीसरे सप्ताह में विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करेगा. सरकारी प्रवक्ता सह सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री सपाम राजन ने कहा कि सरकार इसके लिए प्रयास कर रही है. बता दें, मणिपुर हिंसा मामले को लेकर वर्तमान स्थिति पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने की मांग उठ रही है. इधर राजन ने इन खबरों का भी खंडन किया है  कि राज्य सरकार ने बीजेपी विधायक वुंगजागिन वाल्टे के इलाज में किसी तरह की लापरवाही बरती है.

वीडियो शूट करने वाला व्यक्ति गिरफ्तार
हालांकि, घटना के वीडियो के वायरल होने के तुरंत बाद पुलिस ने अलर्ट मोड में आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी और इस मामले में शुरुआत में 2 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था. बता दें कि अभी तक इस मामले में 7 आरोपियों के गिरफ्तार होने की सूचना है. वहीं, अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है. गौरतलब है कि मणिपुर की बिगड़ी हालत को देखते हुए वहां भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात कर दिए गये है. शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि मणिपुर में करीब 35000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि जिस मोबाइल फोन से मणिपुर की महिलाओं का वायरल वीडियो शूट किया गया था, उसे बरामद कर लिया गया है और वीडियो शूट करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है.

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सीएम एन बीरेन पर माकपा ने लगाया आरोप

इधर, माकपा ने मणिपुर हिंसा के लिए प्रदेश के सीएम एन बीरेन सिंह को जिम्मेदार ठहराया है. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने सीएम बीरेने पर मेइती समुदाय का पक्ष लेने तथा कुकी आदिवासी अल्पसंख्यकों को ‘विदेशी’ एवं ‘अफीम की खेती’ करने वालों के रूप में पेश करने का आरोप लगाया. पार्टी के मुखपत्र पीपुल्स डेमोक्रेसी के नवीनतम संपादकीय में माकपा ने आरोप लगाया कि सिंह कुकी समुदाय के विरुद्ध खुलेआम बोलते रहे हैं.

भाषा इनपुट के साथ

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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