Coronavirus Lockdown: नहीं मिला वाहन, तो मोटरसाइकिल पर शव लादकर ले गये परिजन

Coronavirus Lockdown: लॉकडाउन के कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. महाराष्ट्र में पालघर जिले के कासा इलाके में 60 वर्षीय एक व्यक्ति के शव को लॉकडाउन की वजह से वाहन नहीं मिलने पर परिजनों को मोटरसाइकिल पर लाद कर ले जाना पड़ा.
Coronavirus Lockdown: कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण पूरे देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन की घोषणा की गयी है. इस लॉकडाउन के कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. महाराष्ट्र में पालघर जिले के कासा इलाके में 60 वर्षीय एक व्यक्ति के शव को लॉकडाउन की वजह से वाहन नहीं मिलने पर परिजनों को मोटरसाइकिल पर लाद कर ले जाना पड़ा.
चिकित्सा अधीक्षक डॉ.प्रदीप धोडी ने बताया कि कुछ दिन पहले मृतक लाडका वावरे को सांप ने काट लिया था और परिजन इलाज के लिए उसे कासा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाये थे लेकिन कुछ जटिलताओं के बाद कुछ दिन पहले उसे छुट्टी दे दी गयी थी. आगे उन्होंने बताया कि उसकी मौत अन्य जटिलताओं की वजह से हुई और परिवार उसके शव को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों को बताए बिना मोटरसाइकिल पर ले गये.
कासा पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक आनंद काले और दाहनु के तहसीलदार राहुल सारंग ने कहा कि वह तथ्यों की जांच करेंगे और फिर कोई दोषी पाया गया तो आगे की कार्रवाई की जाएगी. आपको बता दें कि भारत में भी कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. शनिवार तक आये आंकडे के अनुसार अबतक 19 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि मरीजों की संख्या बढ़कर 834 हो गयी है.
इसी बीच, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि यदि लोगों ने लॉकडाउन का उल्लंघन किया तो सामुदायिक संक्रमण का खतरा पैदा हो सकता है. भारत में कोरोना वायरस के कुल मामले एवं मृतक संख्या भले ही अमेरिका, ब्रिटेन और इटली जैसे देशों की तुलना में कम है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि लोगों को कोरोना वायरस के खतरे को कम करने के लिए देशव्यापी बंद का कड़ाई से पालन करना होगा क्योंकि लोगों ने घरों में ही रहने के नियमों का पालन अब नहीं किया तो सामुदायिक स्तर पर संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विभिन्न रेडियो जॉकी का आह्वान किया कि वे कोरोना वायरस की महामारी से लोगों के सामने आ रहीं कठिनाइयों और चुनौतियों पर अपनी राय दें ताकि सरकार उन समस्याओं का समाधान कर सके. वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिये रेडियो जॉकी के समूह से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने आह्वान किया कि वे विशेषज्ञों की राय और इस हालात से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाये जा रहे कदमों के बारे में सूचना प्रसारित करें। सहानुभूति के महत्व को रेखांकित करते हुए मोदी ने कहा कि यह जरूरी है कि चिकित्सकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और विमानन कंपनी के कर्मियों के संक्रमित होने के सामाजिक डर की वजह से हो रहे दुर्व्यवहार की खबरों को बताया जाए ताकि इस चुनौती का मुकाबला किया जा सके.
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By Amitabh Kumar
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