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हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ पद्मावती का Corona से निधन, 100 वर्ष की उम्र में उन्होंने जतायी थी और शोध करने की इच्छा

Updated at : 31 Aug 2020 12:02 PM (IST)
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हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ पद्मावती का Corona से निधन, 100 वर्ष की उम्र में उन्होंने जतायी थी और शोध करने की इच्छा

Doctor Sivaramakrishna Iyer Padmavati Passes Away, Video : देश की पहली महिला हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. पद्मावती का निधन हो गया है. नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट (एनएचआई) की मानें तो 103 वर्षीय डॉ. एस पद्मावती (Doctor sivaramakrishna iyer padmavati) की मौत कोविड-19 के कारण हुई है. रविवार को डॉक्टरों ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना से पीड़ित पद्मावती पिछले 11 दिनों से एनएचआई में भर्ती थी. आपकों बता दें कि भारत में इन्होंने ही सबसे पहले कार्डियक केयर यूनिट की स्‍थापना की थी.

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Doctor Sivaramakrishna Iyer Padmavati Passes Away, Video : देश की पहली महिला हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. पद्मावती का निधन हो गया है. नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट (एनएचआई) की मानें तो 103 वर्षीय डॉ. एस पद्मावती (Doctor sivaramakrishna iyer padmavati) की मौत कोविड-19 के कारण हुई है. रविवार को डॉक्टरों ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना से पीड़ित पद्मावती पिछले 11 दिनों से एनएचआई में भर्ती थी. आपकों बता दें कि भारत में इन्होंने ही सबसे पहले कार्डियक केयर यूनिट की स्‍थापना की थी.

दरअसल, कोविड से ग्रसित महिला विशेषज्ञ को नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट में 29 अगस्त को भर्ती करवाया गया था, जहां उनकी मौत हो गई. इन्होंने दिल्‍ली के गोविंद बल्‍लभ पंत अस्पताल में कार्डियक केयर यूनिट की स्‍थापना की थी.

एनएचआई के अनुसार उनकी मौत कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण हुई है. खबरों की मानें तो नेशनल हार्ट इंस्‍टीट्यूट को 1981 में उन्होंने ने ही बनवाया था. आपको बता दें कि सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रही डॉ पद्मावती को सबसे पहले बुखार आया जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया. इलाज के दौरान उनके दोनों फेफड़ों में निमोनिया पाया गया. हालांकि, डॉक्टरों ने बताया कि उनका निधन हृदय रोग के कारण हुआ है. एनएचआई के अनुसार पंजाबी बाग के कोविड-19 शवदाह गृह में रविवार को उनकी अंत्येष्टि की गयी.

जीबी पंत अस्पताल के कार्डियोलॉजी प्रोफेसर डॉ. विजय त्रेहन की मानें तो वे उनसे चार वर्ष पूर्व मिले थे, तब उन्होंने कहा था कि उन्हें एक युवा कार्डियोलॉजिस्ट की जरूरत है. जो हर दोपहर एक-दो घंटे उनकी सहायता कर सकें. प्रोफेसर के पूछने पर उन्होंने अधिक शोध कार्य करने की इच्छा व्यक्त की थी. प्रोफेसर की मानें तो उस समय उनकी उम्र करीब 100 वर्ष थी.

कौन थी डॉ. एस पद्मावती

आपको बता दें कि द्वितीय विश्‍व युद्ध के दौरान जापान के हमले के कारण भारत आयी डॉ. एस पद्मावती का जन्म म्‍यांमार में हुआ था. यहां वे अपने लगन और मेहनत से एक प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ बनी.

डॉ. एस पद्मावती से जुड़ी खास बातें

– उनका निधन 103 वर्ष के उम्र में हुआ. अपने अंतिम वर्ष तक वे शोध कार्यों से जुड़ी रहीं,

– 1981 में उन्होंने ही एनएचआई की स्थापना की थी,

– भारत में इन्होंने ही सबसे पहले कार्डियक केयर यूनिट की स्‍थापना की थी.

– उनके योगदान के कारण उन्हें ‘गॉडमदर ऑफ कार्डियोलॉजी’ की उपाधि दी गई थी.

Posted By : Sumit Kumar Verma

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