Language Dispute: स्टालिन सरकार ने बजट से रुपये का सिंबल '₹' हटाया, तमिलनाडु में गहराया भाषा विवाद

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 13 Mar 2025 2:44 PM

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MK Stalin

Language Dispute: तमिलनाडु में भाषा विवाद गहराता जा रहा है. स्टालिन सरकार ने बजट से रुपये का सिंबल हटा लिया है. जिससे विवाद और भी गहरा गया है. रुपये का सिंबल

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Language Dispute: तमिलनाडु में भाषा विवाद ने एक नया रूप ले लिया है. स्टालिन सरकार ने बजट से रुपये का सिंबल ‘₹’ हटाकर उसके स्थान पर तमिल लिपि लिखी गई है. स्टालिन सरकार के इस फैसले से विवाद और बढ़ गया है. बीजेपी ने सरकार के इस कार्रवाई की निंदा की है. तमिलनाडु सरकार ने अपने तमिलनाडु बजट 2025-26 में रुपये के प्रतीक को तमिल भाषा के प्रतीक से बदल दिया है. पिछले बजट में भारतीय मुद्रा का प्रतीक ₹ था.

केंद्र सरकार के सिद्धांतों के अनुसार ही लिया गया फैसला : एझिलन नागनाथन

तमिलनाडु सरकार द्वारा अपने तमिलनाडु बजट 2025-26 में रुपये के प्रतीक चिन्ह की जगह तमिल भाषा का प्रतीक चिन्ह लगाने पर, DMK विधायक एझिलन नागनाथन ने कहा, “सभी उद्देश्यों के लिए मातृभाषा का उपयोग करना किसी भी केंद्र सरकार के सिद्धांतों का विषय है जो उन्होंने निर्धारित किया है. इसलिए, यह उन्हीं के अनुरूप है. हम वही उपयोग कर रहे हैं जो केंद्र सरकार कह रही है. भाजपा हमें भड़काने के लिए हर तरह के मुद्दे खोजने की कोशिश कर रही है. यह बहुत स्पष्ट है कि हमारे पास बजट की तमिल प्रतिलिपि थी. उसके लिए ‘रु’ (रुपये के लिए तमिल) का उपयोग किया गया है…इसलिए, हम आधिकारिक उद्देश्यों के लिए मातृभाषा का उपयोग कर रहे हैं जो हर जगह अनिवार्य है.”

सिद्धारमैया ने स्टालिन को लिखा पत्र

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन को पत्र लिखकर कहा है कि उन्होंने डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार से 22 मार्च को होने वाली बैठक में भाग लेने का अनुरोध किया है. तमिलनाडु के सीएम ने परिसीमन मुद्दे पर बैठक के लिए दक्षिणी राज्यों के सीएम को आमंत्रित किया है.

स्टालिन ने NEP का विरोध किया

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने आरोप लगाया कि नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) एक भगवा नीति है, जिसका मकसद हिंदी को बढ़ावा देना है. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी संसदीय क्षेत्रों के प्रस्तावित परिसीमन के जरिये अपने दबदबे वाले उत्तरी राज्यों में सीटों की संख्या बढ़ाकर अपनी सत्ता बनाए रखने की कोशिश कर रही है. स्टालिन ने कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) भाजपा के इस प्रयास को विफल कर देगी. स्टालिन ने कहा, “हम एनईपी 2020 का विरोध करते हैं, क्योंकि यह शिक्षा क्षेत्र में तमिलनाडु की प्रगति को पूरी तरह से नष्ट कर देगी.” उन्होंने दावा किया कि एनईपी “आरक्षण को स्वीकार नहीं करती, जो सामाजिक न्याय है.”

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्टालिन पर राजनीति करने का लगाया आरोप

संसद में पूरक प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “एक समय था जब तमिलनाडु सरकार केंद्र सरकार के साथ (एनईपी पर) एमओयू पर हस्ताक्षर करने को तैयार थी. तमिलनाडु के शिक्षा मंत्री के साथ कुछ सदस्य हमारे पास आए थे और उन्होंने सहमति व्यक्त की थी.” उन्होंने कहा कि कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और पंजाब जैसे गैर-भाजपा शासित राज्य भी पीएमश्री योजना को अपना रहे हैं. प्रधान ने कहा, “हम तमिलनाडु को वित्तीय आवंटन कर रहे हैं, लेकिन वे प्रतिबद्ध नहीं हैं। वे (द्रमुक) तमिलनाडु के छात्रों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। वे जानबूझकर राजनीति कर रहे हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है। वे छात्रों के साथ अन्याय कर रहे हैं और अलोकतांत्रिक तरीके से व्यवहार कर रहे हैं.”

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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