Khalistan Issue: खालिस्तानी पन्नू के मामले में अमेरिका पर भारत सॉफ्ट, कनाडा पर भड़क गया था इंडिया

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 24 Nov 2023 10:12 AM

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Khalistan Issue: कनाडाई पीएम ट्रूडो ने कनाडाई संसद में सांसदों के समक्ष कुछ ऐसा बोला था जिसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया. अब जानें अमेरिका की चेतावनी पर भारत की क्या आई प्रतिक्रिया...

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Khalistan Issue: खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है. दरअसल, फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिका ने उसे मारे जाने की साजिश को नाकाम करने का काम किया है. यही नहीं इसमें कहा गया है कि मामले को लेकर अमेरिका ने भारत को चेतावनी भी दी है. आपको बता दें कि इससे पहले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के तार भारत से जोड़े थे जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव देखने को मिला. इन दोनों देशों के मामले में भारत की प्रतिक्रिया बहुत अलग देखने को मिली. दिल्ली ने कहा कि वह ऐसे इनपुट को गंभीरता से लेती है और संबंधित विभागों द्वारा इसकी पहले से ही जांच की जा रही है. दिल्ली की यह प्रतिक्रिया कनाडा स्थित खालिस्तान अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार के एजेंटों के संभावित संबंध के बारे में कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों पर प्रतिक्रिया देने के तरीके से बहुत अलग है.

अमेरिका और कनाडा को दी गई प्रतिक्रिया अलग

भारत की ओर से दी गई दोनों प्रतिक्रियाओं पर गौर किया जाए तो, एक ओर जहां अमेरिका से जुड़ी बात को भारत ने ‘गंभीरता’ से लेने की बात कही है और अमेरिका से मिले इनपुट्स की जांच की बात कही है. वहीं, कनाडाई पीएम के आरोपों पर भारत की ओर से नाराजगी जाहिर की गई थी. भारत की ओर से कई बड़े कदम उठाए गये थे. भारत ने कनाडा में वीजा सेवाएं रद्द करने का काम किया था, जिसके अब दोबारा शुरू किए जाने की खबरें आ रहीं हैं. यही नहीं एक कनाडाई डिप्लोमैट को भी बाहर का रास्ता भारत की ओर से दिखाया गया था. दोनों देशों के बीच जब रिश्तों में खटास आई थी तो भारत की ओर से अपने नागरिकों के लिए कनाडा में एडवाइजरी भी जारी की गई थी. भारत ने कनाडा के 41 राजनयिकों को भी देश छोड़ने के लिए कहा था.

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संसद में ट्रूडो ने क्या कहा

कनाडाई पीएम ट्रूडो ने कनाडाई संसद में सांसदों के समक्ष कुछ ऐसा बोला था जिसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया. उन्होंने निज्जर की हत्या में भारत की भूमिका होने की आशंका जता दी थी. वहीं, अमेरिका फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में दर्ज आरोपों को खारिज नहीं किया है. इसमें कहा गया है कि वे अपने साझेदारों का साथ राजनयिक, कानून प्रवर्तन या खुफिया चर्चा पर टिप्पणी नहीं करने का काम नहीं करते हैं. रिपोर्ट सामने आने के बाद अमेरिका ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. अमेरिकी सरकार ने भारत सरकार के सामने इस मुद्दे को उठाया है.

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सिख फॉर जस्टिस का वीडियो आया था सामने

यहां चर्चा कर दें कि कुछ दिन पहले सिख फॉर जस्टिस यानी एसएफजे ने धमकी दी थी जिसे कनाडा ने गंभीरता से लिया. कनाडा ने भारत को सूचित किया है कि देश के हवाईअड्डों से आने-जाने वाली एयर इंडिया की उड़ानों की सुरक्षा बढ़ाने का काम किया गया है. वहीं कानूनी एजेंसियों की ओर से कहा गया है कि मामले की जांच की जा रही है. इस धमकी को गंभीरता से लिया जा रहा है. दरअसल, कनाडा की ओर से यह बयान ऐसे वक्त आया है जब अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस ( एसएफजे) द्वारा एक वीडियो पोस्ट करके भारत को धमकी दी गई है. वीडियो में एसएफजे के जनरल काउंसिल गुरपतवंत पन्नू ने सिखों को पंजाबी में चेतावनी दी थी और कहा था कि 19 नवंबर के बाद एयर इंडिया से उड़ान न भरें…आपकी जान को खतरा हो सकता है.

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लेखक के बारे में

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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