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केरल में सोमवार से फिर लगेगा नाइट कर्फ्यू, कोरोना के 31 हजार से अधिक मामले, एक दिन में 153 लोगों की मौत

केरल में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है. नाइट कर्फ्यू सोमवार की रात से प्रभावी होगा.

By Prabhat khabar Digital
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केरल में सोमवार से फिर लगेगा नाइट कर्फ्यू
केरल में सोमवार से फिर लगेगा नाइट कर्फ्यू
प्रभात खबर ग्राफिक्स

Kerala Coronavirus Update: केरल में कोरोना वायरस (Coronavirus in Kerala) का कहर बढ़ता जा रहा है. राज्य में लगातार चौथे दिन 30 हजार से अधिक कोरोना के मामले सामने आए, जिसको देखते हुए राज्य सरकार ने शनिवार को रात का कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन (Chief Minister Pinarayi Vijayan) द्वारा घोषित यह निर्णय सोमवार से प्रभावी होगा. नाइट कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रभावी होगा.

पॉजिटिविटी रेट घटा

शनिवार को परीक्षण किए गए 1 लाख 67 हजार 497 नमूनों में से 31 हजार 265 कोरोना वायरस के लिए सकारात्मक पाए गए, जबकि 153 लोगों की मौत हो गई. इसके साथ, कुल संक्रमण के मामले बढ़कर 39 लाख 77 हजार 572 हो गया है. वहीं टेस्ट पॉजिटिविटी रेट 27 अगस्त को 19.22 से घटकर 18.67 प्रतिशत हो गई.

किस मॉडल का पालन किया जाना चाहिए

वहीं, कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए अपनी सरकार की आलोचना पर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शुक्रवार को कहा कि अगर कोविड की रोकथाम में उनका राज्य मॉडल गलत है, तो किस मॉडल का पालन किया जाना चाहिए? उन्होंने इस बात का बचाव किया कि, किसी भी अन्य राज्य के विपरीत, 'केरल में ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी की मृत्यु नहीं हुई थी.'

कुछ लोग जानबूझकर भ्रम पैदा कर रहे हैं

केरल के मुख्यमंत्री ने सीपीआई (एम) पार्टी पत्रिका 'चिंता' में अपने लेख में लिखा, अगर केरल मॉडल कोविड की रोकथाम में गलत है, तो हमें किस मॉडल का पालन करना चाहिए? केरल में ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी की मृत्यु नहीं हुई थी. कोई भी व्यक्ति चिकित्सा सहायता या चिकित्सा बिस्तर से वंचित नहीं था. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर भ्रम पैदा कर रहे हैं.

हमने टीके की एक बूंद भी बर्बाद नहीं की

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा, कुछ लोग तथ्यों की उपेक्षा करने और जानबूझकर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. दूसरी लहर के आसपास कुछ अनावश्यक विवाद हैं. कुछ वर्ग चिंता के कारण के रूप में दूसरी लहर के दौरान उच्च संख्या को चित्रित करके लोगों में भय पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. देश में किए गए सभी 3 सेरोप्रेवलेंस अध्ययनों में, यह पता चला था कि केरल सबसे कम संक्रमित आबादी वाला राज्य है. हमने टीके की एक बूंद भी बर्बाद नहीं की और सफलतापूर्वक अतिरिक्त खुराक लगा दी.

बता दें, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने गुरुवार को शीर्ष अधिकारियों के साथ केरल में वायरस के खतरनाक ग्राफ को रोकने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की. इस दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि केरल एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां एक लाख से अधिक कोविड -19 मामले हैं, जबकि चार राज्यों में 10 हजार से एक लाख सक्रिय मामले और 31 राज्यों में 10 हजार से कम सक्रिय मामले हैं.

Posted by : Achyut Kumar

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Published Date

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