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Karnataka: लिंगायत मठ के संत को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत, पुलिस कल करेगी रिमांड की मांग

Updated at : 02 Sep 2022 8:40 AM (IST)
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Karnataka: लिंगायत मठ के संत को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत, पुलिस कल करेगी रिमांड की मांग

मठ की ही एक महिलाकर्मी ने संत बसवराजन के विरूद्ध यौन उत्पीड़न एवं अपहरण की शिकायत दर्ज करायी थी. मैसुरु पुलिस ने कथित यौन उत्पीड़न को लेकर शनिवार को यौन अपराध से बच्चों के संरक्षण (पोक्सो) कानून तथा भादंसं के तहत महंत के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी.

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नाबालिग लड़कियों का यौन उत्पीड़न करने के आरोपों से घिरे कर्नाटक के एक संत को कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में चित्रदुर्ग जिला जेल भेजा. जानकारी के अनुसार पुलिस कल अदालत में रिमांड की मांग करेगी. संत पर यौन उत्पीड़न के तहत मामला दर्ज किया गया था. सूत्रों ने बताया कि मुरुग मठ के संत महंत शिवमूर्ति मुरुग शरनारू पूछताछ के बाद उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया जबकि वकीलों के एक समूह ने उच्च न्यायालय की निगरानी में इस मामले की जांच की मांग की है.


पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

महंत शिवमूर्ति पर उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं के कथित योन उत्पीड़न को लेकर पोक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था. एक स्थानीय अदालत ने गुरुवार को लिगायंत संत शिवमूर्ति की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई शुक्रवार के लिए स्थगित कर दी थी. माध्यमिक उच्च विद्यालय की दो छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न को लेकर महंत पर बाल यौन अपराध संरक्षण (पोक्सो) कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था.

जानें क्या है पूरा मामला

मठ की ही एक महिलाकर्मी ने संत बसवराजन के विरूद्ध यौन उत्पीड़न एवं अपहरण की शिकायत दर्ज करायी थी. मैसुरु पुलिस ने कथित यौन उत्पीड़न को लेकर शनिवार को यौन अपराध से बच्चों के संरक्षण (पोक्सो) कानून तथा भादंसं के तहत महंत के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी. जिला बाल संरक्षण इकाई के एक अधिकारी की शिकायत पर मठ के छात्रावास के वार्डन समेत कुल पांच लोगों के विरुद्ध यह प्राथमिकी दर्ज की गयी थी.

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मठ की छात्राओं ने की थी शिकायत

आरोप है कि मठ की छात्रावास में रहने वाली 14 और 15 साल की छात्राओं का यौन उत्पीड़न जनवरी, 2019 से जून, 2022 के बीच किया गया था. पीडिताओं ने मैसुरु में गैर सरकारी समाजिक संगठन ओडनाडी सेवा समस्थे से संपर्क कर उसे आपबीती बतायी थी. उसके बाद संगठन ने पुलिस प्रशासन से संपर्क किया था. बता दें कि महंत पर बाद में अनुसूचित जाति/जनजाति (उत्पीड़न रोकथाम) अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया. महंत की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे थे.

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