Karnataka Elections 2023: क्या है 'वोट फ्रॉम होम' ? चुनाव आयोग की इस नयी पहल से कैसे लोग कर रहे हैं मतदान

A voting official marks the finger of a voter inside a polling booth during the second phase of state elections, in Azamgarh town in the northern Indian state of Uttar Pradesh February 11, 2012. Uttar Pradesh, with 200 million people, is an unruly state that stretches southeast from New Delhi, divided along its length by the Ganges River. To avoid violence, voting is staggered over seven days. Results from a total of five state elections are to be announced on March 6. REUTERS/Pawan Kumar (INDIA - Tags: POLITICS ELECTIONS)
Karnataka Elections 2023: चुनाव आयोग ने 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को अपने घर से मतदान करने की अनुमति प्रदान की है. जानें 'वोट फ्रॉम होम' की क्या है प्रक्रिया
Karnataka Elections 2023: कर्नाटक चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की ओर से तैयारी की जा रही है. इस क्रम में खबर आ रही है कि प्रदेश में ‘वोट फ्रॉम होम’ शुरू हो गया है. चुनाव आयोग ने इस बार 80 साल से ऊपर के लोगों और दिव्यांग लोगों के लिए घर से मतदान करने की अनुमति प्रदान की है. चुनाव आयोग और मतदान एजेंटों की 5 सदस्यीय टीम उनके घर का दौरा करेगी और उनसे मतदान लेगी. यह प्रक्रिया 6 मई तक चलेगा.
चुनाव आयोग ने 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को अपने घर से मतदान करने की अनुमति प्रदान की है. यानी ये मतदाता ‘वोट फ्रॉम होम’ करेंगे. इन्हें अपने घरों में गुप्त रूप से मतदान करने के लिए मतपत्र प्रदान किये जा रहे हैं. वोटिंग दो मतदान अधिकारी, एक माइक्रो ऑब्जर्वर, एक वीडियोग्राफर और पार्टी एजेंट सहित स्थानीय पुलिस मौजूदगी में हो रही है. बैलेट वोटिंग सिस्टम चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों और पुलिस कर्मियों की देखरेख संपन्न कराया जा रहा है. मतदान समाप्त होने के बाद बैलेट बॉक्स को स्ट्रांग रूम में भेजने का काम किया जा रहा है.
कर्नाटक में 'वोट फ्रॉम होम' शुरू हुआ। चुनाव आयोग ने इस बार 80 साल से ऊपर के लोगों और दिव्यांग लोगों के लिए घर से मतदान करने की अनुमति दी। चुनाव आयोग और मतदान एजेंटों की 5 सदस्यीय टीम उनके घर का दौरा करेगी और उनसे मतदान लेगी। यह प्रक्रिया 6 मई तक चलेगा। (29.04) pic.twitter.com/RBBKQiM4Fs
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 30, 2023
चुनाव आयोग की इस नयी मतदान व्यवस्था का कर्नाटक में लगभग 5.71 लाख दिव्यांगों और 80 वर्ष से अधिक आयु के 12,15,763 बुजुर्ग वोटरों को फायदा मिलेगा. कर्नाटक चुनाव आयोग के आयुक्त मनोज कुमार मीणा की मानें तो, कुल 99,529 लोगों ने वोट फ्रॉम होम पर विश्वास जताया है और इसका चुनाव किया है. इसमें 80 वर्ष से अधिक आयु के 80,250 वरिष्ठ नागरिक और 19,729 दिव्यांग मतदाता शामिल हैं.
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आपको बता दें कि कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 10 मई को होंगे जबकि वोटों की गिनती 13 मई को की जाएगी. कर्नाटक के चुनावी दंगल में भाजपा और कांग्रेस के अलावा जेडीएस के उम्मीदवार भी ताल ठोंक रहे हैं. तीनों ही पार्टियां अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहीं हैं.
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By Amitabh Kumar
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