कर्नाटक चुनाव : ये है बी एस येदियुरप्पा की ‘लकी’ कार, एक बार फिर पूर्व सीएम हुए सवार
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 20 Apr 2023 6:25 PM
**EDS: TWITTER IMAGE VIA @BSYBJP** Shikaripur: Former Karnataka CM BS Yediyurappa during a roadshow in support of his son and BJP leader BY Vijayendra, in Shikaripur, Wednesday, April 19, 2023. Vijayendra will file his nomination papers from Shikaripura constituency in Shivamogga district for the Karnataka Assembly polls. (PTI Photo)(PTI04_19_2023_000054A)
बुधवार को नामांकन पत्र भरने जाने से पहले प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष विजयेंद्र ने अपने पिता के चरण स्पर्श किये एवं उनका आशीर्वाद लिया. येदियुरप्पा अपनी एंबैसडर कार से अपने बेटे के साथ गये.
कर्नाटक विधानसभा चुनाव को लेकर कई तरह की खबरें आ रहीं हैं. इस बीच चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा के ‘लकी’ कार को भी लेकर हो रही है. तो आइए आपको बताते हैं आखिर इस कार की चर्चा लोग क्यों कर रहे हैं. दरअसल, शिवमोगा जिले के शिकारीपुरा निर्वाचन क्षेत्र से 10 मई के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के वास्ते जब गुरुवार को बी वाई विजयेंद्र अपना नामांकन पत्र भरने गये तब उनके पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा उनके साथ अपनी ‘‘लकी’ एंबैसडकर कार में सवार होकर पहुंचे.
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा के करीबी सूत्रों के अनुसार चुनावी राजनीति से संन्यास की घोषणा कर चुके प्रदेश भाजपा के कद्दावर नेता को अपनी इस कार से ‘गहरा लगाव’ है. यह वही सफेद विंटेज कार है जिससे दशकों पहले येदियुरप्पा अपने पहले चुनाव के वास्ते नामांकन पत्र भरने गये थे और बाद में वह विजयी हुए थे. एक सूत्र के हवाले से जो खबरें मीडिया में चल रहीं हैं उसके अनुसार, उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. अपने राजनीतिक करियर में कई उतार-चढ़ाव के बाद भी वह चार बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने.
बुधवार को नामांकन पत्र भरने जाने से पहले प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष विजयेंद्र ने अपने पिता के चरण स्पर्श किये एवं उनका आशीर्वाद लिया. येदियुरप्पा अपनी एंबैसडर कार से अपने बेटे के साथ गये. कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा 1983 में इस सीट से निर्वाचित हुए थे और तब से उन्होंने 1999 तक लगातार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया. 1999 में अपनी हार के बाद वह 2004 तक कर्नाटक विधानपरिषद के सदस्य रहे. फिर वह 2004 से 2014 तक विधायक रहे (2013 में वह केजेपी के टिकट पर निर्वाचित हुए थे जिसे उन्होंने भाजपा से अलग होकर बनाया था.)
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वह बाद में भाजपा में लौट आये तथा 2014 में लोकसभा चुनाव जीतने में सफल रहे. फिर वह 2018 में कर्नाटक की राजनीति में लौट आए.
भाषा इनपुट के साथ
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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