Joshimath Sinking: जोशीमठ में भारी विरोध के बीच होटल पर चला बुलडोजर, एसडीआरएफ की आठ टीमें मौके पर मौजूद

Published by : Pritish Sahay Updated At : 12 Jan 2023 5:27 PM

विज्ञापन

जोशीमठ में प्रशासन की ओर से मलारी इन होटल को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू हो गई है. भूधंसान के कारण आस-पास की इमारतों और संरचनाओं में दरारें पड़ गई हैं. वहीं, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि राहत कार्यों के लिए एसडीआरएफ की आठ टीमें और एनडीआरएफ की दो टीमें तैनात की गई है.

विज्ञापन

उत्तराखंड के जोशीमठ की हालत बद से बदतर होती जा रही है. जोशीमठ के चारों ओर बने घरों और बिल्डिंगों में दरारों के बाद लोग अपने आवास को छोड़ने पर मजबूर है. वहीं, सरकार और प्रशासन डैमेज घरों को चिन्हित कर उसे गिराने का काम कर रही है. इसी कड़ी में आज यानी गुरुवार को प्रशासन की ओर से दो होटलों को गिराया जा रहा है. प्रशासन का हथोड़ा होटल मलारी इन पर चलना शुरू हो गया. बता दें, भूमि धंसने के कारण होटल की इमारत में खतरनाक रूप से दरारें पड़ गई हैं.  

बता दें, जोशीमठ में दो होटलों में एक सात मंजिला मलारी इन और पांच मंजिला माउंट व्यू में दरार आने के बाद दोनों एक दूसरे की ओर खतरनाक तरीके से झुक गए हैं. इन दोनों होटलों के नीचे स्थित करीब एक दर्जन घर खतरे की जद में हैं. ऐसे में होटलों को यांत्रिक तरीके से ढहाने का निर्णय किया गया है. हालांकि, होटल मालिकों और स्थानीय लोगों के बदरीनाथ महायोजना की तर्ज पर मुआवजा देने के लिए धरना प्रदर्शन के चलते यह कार्रवाई देर से शुरू हुई.

आपात से निपटने के लिए सेना का हेलीकॉप्टर तैयार: उत्तराखंड के जोशीमठ में घरों और बिल्डिंगो में आ रही दरार के बाद इलाके को खाली कराया गया है. वहीं, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा है कि लोगों को इलाके से दूर हटाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राहत कार्य में अगर कोई बुरी स्थिति आती है तो सेना के हेलीकॉप्टर को स्टैंडबाय मोड पर रखा गया है. उसके अलावा आपदा प्रबंधन विभाग का हेलीकॉप्टर भी स्टैंडबाय मोड पर है. उन्होंने कहा कि अनहोनी से निपटने के लिए सेना की यूनिट भी तैयार है.

उत्तराखंड आपदा प्रबंधन सचिव ने यह भी बताया कि आपदा राहत कार्यों के लिए एसडीआरएफ की आठ टीमें जोशीमठ में तैनात की गई हैं. जबकि एनडीआरएफ की दो टीमें तैनात हैं. उन्होंने कहा कि 169 परिवारों के 589 लोगों को स्थानांतरित किया गया है. अब तक 73 परिवारों को सामान्य खर्च के लिए 5000 रुपये प्रति परिवार की सहायता राशि दी गई है. SDRF प्रावधानों के अनुसार 10 परिवारों को 130000 रुपये प्रति परिवार प्रदान किए गए.

इससे पहले भूधंसान से ग्रस्त जोशीमठ में ताजा स्थिति का जायजा ले रहे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार प्रभावितों के साथ है और उनकी हर संभव मदद भी करेगी. धामी बुधवार देर रात तक जोशीमठ में राहत शिविरों का दौरा करते रहे, इसदौरान उन्होंने वहां रह रहे लोगों से बातचीत भी की. इसी दौरान उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावितों के साथ है और सभी अधिकारियों को लोगों को हर संभव मदद देने के आदेश दिए गए हैं.

Also Read: कर्नाटक में देखते ही देखते धंस गई सड़क, अंडरग्राउंड मेट्रो निर्माण के कारण हो रहा हादसा!

गौरतलब है कि जोशीमठ नगर क्षेत्र में 723 भवनों को भू-धंसाव प्रभावित के तौर पर चिह्नित किया गया है. इनमें से अब तक 145 परिवारों को अस्थायी राहत शिविरों में भेजा गया है. इस बीच, जोशीमठ के प्रभावित परिवारों के लिए अंतरिम पैकेज के वितरण और पुनर्वास पैकेज की दर निर्धारित करने को लेकर चमोली के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गयी है.
भाषा इनपुट के साथ

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola