Iran Protests: विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. ईरान और ग्रीनलैंड को लेकर मीडिया ने उनसे सवाल पूछा, जिसके उत्तर में उन्होंने कहा, हम ईरान में हो रहे घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं. ईरान में भारतीय प्रवासियों और भारत से गए छात्रों की एक बड़ी संख्या है. वहां लगे प्रतिबंधों के बावजूद, हमारा दूतावास छात्र समुदाय से संपर्क करने में कामयाब रहा है और पता चला है कि वे सभी ठीक हैं और अब तक उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा है. हमने वहां रहने वाले अपने सभी देशवासियों को सलाह दी है कि वे बाहर न निकलें या खुद को किसी भी तरह की अशांति के बीच न फंसाएं.
देशव्यापी प्रदर्शनों के बाद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में: ईरान के विदेश मंत्री
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार को बताया कि देश में हिंसक प्रदर्शनों पर कार्रवाई के बाद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ गई है. अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यही चाहते हैं कि उनके देश में हिंसक प्रदर्शन हो ताकि उन्हें हस्तक्षेप करने का बहाना मिल सके.
ईरान हिंसा में अब तक 544 लोगों की मौत
ईरान हिंसा में अब तक 544 लोगों की मौत हो चुकी है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान में विदेशी राजनयिकों से बात की. कतर द्वारा वित्त पोषित अल जजीरा सैटेलाइट न्यूज नेटवर्क ने उनके बयान प्रसारित किए. अल जजीरा सैटेलाइट न्यूज नेटवर्क को देश में इंटरनेट बंद होने के बावजूद काम करने की अनुमति दी गई है.
ईरान में क्यों भड़की हिंसा?
ईरान में ताजा विरोध प्रदर्शन के पीछे सबसे बड़ा कारण रियाल की कीमत का गिरना है. उसके बाद प्रदर्शन ने बड़ा रूप लिया. प्रदर्शनकारी महंगाई पर नियंत्रण, रोजगार और कमजोर होती अर्थव्यवस्था को लेकर प्रदर्शन में हिस्सा लेने लगे. देखते-देखते शुरुआती विरोध प्रदर्शन देशव्यापी हो गया और हिसंक रूप ले लिया.
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