INS Tushil: चीन की बढ़ी टेंशन, सकते में पाकिस्तान! रूस ने भारत को सौंपा आईएनएस तुशिल, जानें खूबियां, Video

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INS Tushil:  भारतीय नौसेना के बेड़े में आईएनएस तुशिल सोमवार को शामिल हो गया. इसके शामिल हो जाने से नौसेना की ताकत और बढ़ गई है.  रूसी के कलिनिनग्राद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नौसेना प्रमुख की मौजूदगी में इसका जलावतरण किया गया. इसकी ताकत बेमिसाल है और यह कई खूबियों से लैस है.

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 INS Tushil: बढ़ जाएगी ड्रैगन की टेंशन… सकते में आ जाएगा पाकिस्तान… क्योंकि भारतीय सेना के साथ होगी आईएनएस तुशिल की ताकत. भारतीय नौसेना के लिए रूस में बनाए गए युद्धपोत आईएनएस तुशिल का आज यानी सोमवार को जलावतरण किया गया. रूस के तटीय शहर कलिनिनग्राद में इसे पानी में उतारा गया. भारतीय नौसेना के बेड़े में इसके शामिल हो जाने से भारत की ताकत काफी बढ़ जाएगी. आईएनएस तुनिश कई खूबियों से लैस है, जो इसे बेजोड़ तो बनाता ही है, युद्ध जैसे हालात में यह दुश्मनों की बैंड बजा सकता है.

भारतीय बेड़े में शामिल हुआ आईएनएस तुशिद

भारतीय नौसेना के बेड़े में आईएनएस तुशिल सोमवार को शामिल हो गया है. इसके आ जाने से भारतीय नौसेना पहले से और ज्यादा ताकतवर हो गई है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नौसेना प्रमुख की मौजूदगी में इसे पानी में उतारा गया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर अपने एक पोस्ट में कहा कि, कलिनिनग्राद में यंतर शिपयार्ड में आधुनिक मल्टी-रोल स्टील्थ-गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट INS Tushil के कमीशनिंग समारोह में भाग लेने पर खुशी हुई. यह जहाज भारत की बढ़ती समुद्री ताकत का एक गौरवपूर्ण प्रमाण है. इसके साथ ही रूस के साथ लंबी  द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.

कई खूबियों से लैस है यह युद्धपोत

  • आईएनएस तुशिल कई खूबियों से लैस है. युद्ध जैसे हालात में यह दुश्मन देश देश के छक्के छुड़ा सकता है.
  • आईएनएस तुशिल का समंदर में डिस्प्लेसमेंट 3850 टन है.
  • इसकी लंबाई 409.5 फीट, बीम 49.10 फीट और ड्रॉट 13.9 फीट है.
  • यह समंदर में 59 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है.
  • यह रडार से बचने में पूरी तरह सक्षम है.
  • यह गाइडेड मिसाइल क्षमता से लैस है.
  • 180 सैनिकों को लेकर 30 दिन तक यह समंदर में तैनात रह सकता है. 
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प्रीतीश सहाय

लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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