Indian Army: भारत के सामने नहीं टिक सकते ये देश, जानिए कितनी ताकतवर है इंडियन आर्मी

Published by : Pritish Sahay Updated At : 10 Feb 2025 9:42 PM

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ndian Army

Indian Army: भारत आर्थिक और सैनिक क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है. भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. वहीं ताकत के मामले में वो दुनिया का चौथा सबसे ताकतवर देश है. दुनिया के कई विकसित देशों और अपने पड़ोसियों में चीन को छोड़कर भारत सबसे ताकतवर देश है. एक नजर डालते हैं भारत अन्य देशों की अपेक्षा कितना ताकतवर देश है.

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Indian Army: भारत की सेना दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर सेना है. अमेरिका, चीन और रूस के बाद भारत का मुकाबला शायद ही कोई देश कर सके. भारत के लिए ताकतवर सेना का होना इसलिए भी जरूरी है तो वो उसके पड़ोसी चीन और पाकिस्तान जैसे देश हैं, जो हमेशा भारत के खिलाफ खड़े रहते हैं. हालांकि आजादी के बाद से ही भारत अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने का लगातार कोशिश करता रहा है. इस कारण भी भारत की ताकत दिनो-दिन बढ़ती जा रही है. ग्लोबल फायर इंडेक्स के मुताबिक इंडियन आर्मी दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर आर्मी है. युद्ध के हालात में भारत के सामने कई देश नहीं ठहर सकते हैं, आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि भारत की सेना कई देशों के मुकाबले कितनी ताकतवर है, खासकर अपने पड़ोसी देशों की सेना के सामने.

भारतीय सेना की ताकत

भारत की सैन्य ताकत, आर्मी, एयर फोर्स और नेवी तीन भागों में विभाजित है. आजादी के बाद से ही भारतीय शासन ताकतवर आर्मी की दिशा में काम कर रहा है. आज भारत की आर्मी, एयरफोर्स और नेवी तीनों अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं. फाइटर प्लेन, मिसाइल, बड़े-बड़े वॉर शिप, फाइटर प्लेन भारत के पास है. भारत एक परमाणु संपन्न देश है. भारत के ताकत की बात करें तो…

इंडियन आर्मी के पास

  • भारतीय सेना में 14.55 लाख एक्टिव सैनिक हैं.
  • जबकि, 11.55 लाख रिजर्व सैनिक हैं.
  • 25 लाख से अधिक अर्धसैनिक बल के जवान हैं

थल सेना के मारक हथियार
T-90 भीष्म टैंक, अर्जुन टैंक, ब्रह्मोस मिसाइल, पिनाका रॉकेट सिस्टम, होवित्जर तोपें

वायु सेना

  • भारतीय वायु सेना में 2229 विमान है.
  • 600 लड़ाकू विमान
  • 899 हेलीकॉप्टर
  • 831 सपोर्ट एयरक्राफ्ट हैं.

प्रमुख लड़ाकू विमान: राफेल, Su-30 एमकेआई, मिराज, मिग-29
मिसाइल प्रणाली: रुद्रम, अस्त्र, निर्भय, ब्रह्मोस, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम

नौसेना

भारत की नौसेना काफी ताकतवर है. साथ ही नौसेना तेजी से अपनी ताकत बढ़ाने में भी लगी है. फिलहाल
1,42,251 नौ सैनिक हैं. भारत के पास परमाणु पनडुब्बियां हैं. INS विक्रमादित्य और INS विक्रांत विमान वाहक पोत है. भारत के पास 150 युद्धपोत और पनडुब्बियां हैं. 50 से अधिक जहाज निर्माणाधीन है. इसके अलावा टोही और पनडुब्बी रोधी विमान, जैसे P-8i, MH-60R हेलीकॉप्टर भी है.

भारत के दो बड़े दुश्मनों की बात करें तो पाकिस्तान और चीन भारत के सबसे पड़ोसी और सबसे बड़े दुश्मन भी हैं. एक नजर डालते हैं उनकी ताकत पर.

चीन

  • 20 लाख सक्रिय सैनिक हैं.
  • 3150 से अधिक लड़ाकू विमान हैं
  • 370 से ज्यादा युद्धपोत और पनडुब्बियां हैं.
  • चीन ने स्टेल्थ तकनीक से लैस छठी जेनरेशन का फाइटर जेट भी बना लिया है.

पाकिस्तान

  • 6 लाख 54 हजार एक्टिव सैनिक
  • 5 लाख 50 हजार रिजर्व सैनिक हैं.
  • 5 लाख की पैरामिलिट्री फोर्स
  • प्रमुख टैंक: अल-खालिद, T-80UD, अल-जर्रार
  • वायु सेना: JF-17 थंडर, F-16, मिराज फाइटर जेट
  • नौसेना: अगोस्ता 90B पनडुब्बियां, तारिक-क्लास विध्वंसक, जुल्फिकार-क्लास फ्रिगेट

बांग्लादेश

  • 1 लाख 63 हजार सक्रिय सैनिक
  • 6 लाख 80 हजार अर्धसैनिक बल
  • वायु सेना: 166 विमान, जिनमें 44 लड़ाकू विमान शामिल
  • नौसेना: 117 युद्धपोत, जिनमें 2 चीनी मूल की पनडुब्बियां शामिल

इसके अलावा भारत की सेना

दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जापान, तुर्की, इटली की सेना से कहीं ज्यादा ताकतवर है. ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स में भारत की पोजीशन इनसे काफी बेहतर है. दरअसल, ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेनाओं को काउंट करने के लिए एक आकलन पर काम करता है. यह सूचकांक है 60 से अधिक मापदंडों के आधार पर देशों की सैन्य शक्ति को रैंक करता है. इनमें सैन्य इकाइयों की संख्या, वित्तीय स्थिति, लॉजिस्टिक क्षमता, भौगोलिक परिस्थितियां और तकनीकी प्रगति जैसे कारक शामिल होते हैं. इसमें परमाणु हथियारों को शामिल नहीं किया जाता. ग्लोबल फायरपावर की रैंकिंग में 0.0000 के पावर इंडेक्स स्कोर को परफेक्ट माना जाता है. इसमें अमेरिका का स्कोर 0.0744 है, जबकि रूस का स्कोर 0.0788 वहीं चीन का स्कोर भी 0.0788 है. जिस देश की फायर पावर ज़ीरो के जितना करीब होगा, उसकी रैंक उतनी ही बेहतर होगी.

  • ग्लोबल फायरपावर सूचकांक में भारत का पावर इंडेक्स स्कोर 0.1184 है.
  • दक्षिण कोरिया – पावर इंडेक्स स्कोर 0.1656 है.
  • यूनाइटेड किंगडम – पावर इंडेक्स स्कोर 0.1785
  • फ्रांस – पावर इंडेक्स स्कोर: 0.1878
  • जापान – पावर इंडेक्स स्कोर: 0.1839
  • तुर्की – पावर इंडेक्स स्कोर: 0.1902
  • इटली पावर इंडेक्स स्कोर: 0.2164.

इन देशों की अपेक्षा भारत का पावर इंडेक्स स्कोर काफी बेहतर हैं. हालांकि अमेरिकी रूस और चीन के मुकाबले भारत का पावर इंडेक्स स्कोर कम है.

  • अमेरिका – पावर इंडेक्स स्कोर 0.0744
  • रूस – पावर इंडेक्स स्कोर 0.0788
  • चीन – पावर इंडेक्स स्कोर 0.0788
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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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