जब पूरी दुनिया थी भारत के खिलाफ, तब फ्रांस ने दिया था साथ…जानें कैसे हैं दोनों देशों के बीच रिश्ते

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जब पूरी दुनिया थी भारत के खिलाफ, तब फ्रांस ने दिया था साथ…जानें कैसे हैं दोनों देशों के बीच रिश्ते

जयपुर में पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच कई मुद्दों पर बातचीत और समझौते होंगे. दोनों नेताओं के बीच जो बातचीत का एजेंडा है, उसमें रक्षा और सुरक्षा, व्यापार, जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा और छात्रों और पेशेवरों की आवाजाही जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल हैं.

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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) भारत की अपनी दो दिवसीय राजकीय यात्रा के तहत जयपुर पहुंच गए हैं. जयपुर हवाई अड्डे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और राज्यपाल कलराज मिश्र ने उनका स्वागत किया. मैक्रों गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. दोनों देशों के बीच गहरी दोस्ती है.

बच्चों और आम लोगों ने किया मैक्रों का स्वागत

जब इमैनुएल मैक्रों जयपुर पहुंचे, तो उनका भव्य स्वागत किया गया. जब उनका काफिला हवाई अड्डे से रवाना हुआ तो, रास्ते में जगह जगह स्कूली बच्चों व आम लोगों ने उनका स्वागत किया.

पीएम मोदी के साथ जयपुर के विभिन्न जगहों का करेंगे दौरा

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गुलाबी शहर के ऐतिहासिक आमेर किला, जंतर मंतर और हवा महल के दौरा करेंगे. दोनों नेता जंतर मंतर से हवा महल तक रोड शो भी करेंगे और शाम को होटल रामबाग पैलेस में बैठक करने का कार्यक्रम है.

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भारत और फ्रांस के बीच गहरी दोस्ती

भारत और फ्रांस के बीच हमेशा से गहरी दोस्ती रही है. फ्रांस ने भारत का ऐसे समय में साथ दिया था, जब पूरी दुनिया भारत के खिलाफ खड़ी हो गई थी. दरअसल 1998 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अगुआई में भारत ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था. तब पूरी दुनिया भारत के खिलाफ हो गई थी. पश्चिमी देशों ने भारत पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी थी. वैसे संकेट की घड़ी में भी फ्रांस ने भारत का साथ दिया. फ्रांस इकलौता पश्चिमी देश था, जिसने खुलकर भारत का साथ दिया. समर्थन के साथ-साथ फ्रांस ने प्रतिबंध हटाने को लेकर भारत की ओर से किए जा रहे प्रयासों का भी समर्थन किया.

फ्रांस ने सार्वजनिक मंच पर किया था भारत के परमाणु परीक्षण का समर्थन

फ्रांस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों में शामिल है. लेकिन उन पांचों देश में केवल फ्रांस ने ही भारत के परमाणु परीक्षण का समर्थन किया था. यही नहीं सार्वजनिक मंच भी भारत के समर्थन में आवाज बुलंद की थी. फ्रांस ने उस समय भारत पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों की भी आलोचना की थी. उस दौर के बाद से भारत और फ्रांस के रिश्तों में काफी मजबूती आने लगी.

पीएम मोदी और मैक्रों के बीच होगी कई मुद्दों पर बात और समझौते

जयपुर में पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच कई मुद्दों पर बातचीत और समझौते होंगे. दोनों नेताओं के बीच जो बातचीत का एजेंडा है, उसमें रक्षा और सुरक्षा, व्यापार, जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा और छात्रों और पेशेवरों की आवाजाही जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल हैं. मैक्रों की यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दोनों देशों के शीर्ष वार्ताकार भारत द्वारा 26 राफेल-एम (समुद्री संस्करण) लड़ाकू विमान और फ्रांसीसी-डिजाइन वाली तीन स्कॉर्पीन पनडुब्बियों की खरीद के लिए दो रक्षा सौदों को अंतिम रूप देने पर विचार कर रहे हैं. माना जा रहा है कि मोदी और मैक्रों हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग बढ़ाने, लाल सागर में हालात, हमास-इजराइल संघर्ष और यूक्रेन युद्ध पर भी चर्चा कर सकते हैं. फ्रांस 2030 तक अपने यहां 30,000 भारतीय छात्रों का स्वागत करना चाहता है.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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