ePaper

दिल्ली ने चीन को दिया बहुत तगड़ा झटका, चीनी नागरिकों ने ऐसा सपने में भी नहीं सोचा होगा

Updated at : 25 Jun 2020 1:17 PM (IST)
विज्ञापन
दिल्ली ने चीन को दिया बहुत तगड़ा झटका, चीनी नागरिकों ने ऐसा सपने में भी नहीं सोचा होगा

India china border tension, boycott china: पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई झड़प और सीमा पर तनाव के बाद देश में चीनी उत्पादों के बहिष्कार की मांग तेज हो गयी है. इसी क्रम में गुरुवार को दिल्ली होटल एंड रेस्टोरेंट ऑनर्स एसोसिएशन( धुर्वा) ने एक बड़ा फैसला लिया है.

विज्ञापन

India china border tension, boycott china: पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई झड़प और सीमा पर तनाव के बाद देश में चीनी उत्पादों के बहिष्कार की मांग तेज हो गयी है. इसी क्रम में गुरुवार को दिल्ली होटल एंड रेस्टोरेंट ऑनर्स एसोसिएशन( धुर्वा) ने एक बड़ा फैसला लिया है. चीन की कायराना हरकतों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि दिल्ली के होटल तथा गेस्ट हाउस में अब से किसी भी चीनी व्यक्ति को ठहराया नहीं जाएगा.

दिल्ली में लगभग 3000 बजट होटल और गेस्ट हाउस हैं जिनमें लगभग 75 हजार कमरे हैं. इंडिया टुडे के मुताबिक, कंफेडेरशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के चीनी सामान बहिष्कार की मांग पर आज दिल्ली के बजट होटलों के संगठन धुर्वा ने ये फैसला लिया है. बता दें कि दिल्ली में अभी होटल पूरी तरह से नहीं खुले हैं. अभी कुछ होटलों में एयरपोर्ट से आने वाले यात्रियों को ही ठहराने की अनुमति है. दिल्ली सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कोरोना मरीजों के लिए होटलों के कमरे रिजर्व रखे हैं.

India China Face off: चीन को जवाब देने में भारत सक्षम, बातचीत से मामला नहीं निबटा तो…

दिल्ली होटल एवं गेस्ट हाउस ओनर्स एसोसियशन के महामंत्री ने कहा किचीन जिस प्रकार से भारत के साथ व्यवहार कर रहा है और उसने जिस तरीके से भारीतय सैनिकों की नृशंस हत्या की है, उस कारण से दिल्ली के सभी होटल व्यवसायिओं में बेहद गुस्सा है. ऐसे समय में जब कैट ने देश भर में चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का अभियान चलाया है, उसमें दिल्ली के होटल और गेस्ट हाउस व्यवसायी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेंगे. इसे ही देखते हुए हमने यह फैसला किया है कि अब से दिल्ली के किसी भी बजट होटल अथवा गेस्ट हाउस में किसी भी चीनी व्यक्ति को ठहराया नहीं जाएगा.

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट है कि कैट द्वारा शुरू किया गया चीनी वस्तुओं के बहिष्कार की मांग से देश के विभिन्न वर्गों के लोग जुड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसी सिलसिले में कैट अब ट्रांसपोर्ट, किसान, हॉकर्स, लघु उद्योग, उपभोक्ता स्वयं उद्यमी, महिला उद्यमी के राष्ट्रीय संगठनों से संपर्क कर उन्हें भी इस अभियान से जोड़ेगा.

एलएसी पर चीन की नापाक हरकत जारी

भारत और चीन एलएसी पर गलवान घाटी, हॉट स्प्रिंग्स और पैंगॉन्ग त्सो तीन जगहों पर आमने-सामने हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार चीनी सेना ने उत्तर में स्थित एक अन्य रणनीतिक क्षेत्र डेपसांग प्लेन्स पर बॉर्डर क्रॉस किया है. इस घुसपैठ को चीन द्वारा विवादित सीमा पर एलएसी को पश्चिम में शिफ्ट करने के एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. यह जगह दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) एयरस्ट्रिप से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार चीनी सेना को बड़ी संख्या में डेपसांग प्लेन्स के वाई-जंक्शन या बॉटलनेक पर शिफ्ट कर दिया गया है. सूत्रों का कहना है कि चीनी तैनाती में भारी वाहन, विशेषज्ञ सैन्य उपकरण भी शामिल हैं. बॉटलनेक वह जगह है जिस पर अप्रैल 2013 में चीन ने टेंट लगाए थे. दोनों पक्षों के सैनिकों के बीच गतिरोध तब तीन सप्ताह तक चला था और राजनयिक वार्ता के बाद यथास्थिति बहाल की गई. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अब चीन की नजर नई जगहों पर है.

Posted By: Utpal kant

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola