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India-China Border Clash: भारतीय पोस्ट हटाने आए थे चीनी सैनिक, भारतीय जवानों ने कुछ यूं खदेड़ा

Updated at : 13 Dec 2022 7:41 AM (IST)
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India-China Border Clash: भारतीय पोस्ट हटाने आए थे चीनी सैनिक, भारतीय जवानों ने कुछ यूं खदेड़ा

Anjaw: A file photo shows the Indian army personnel carring out drills at Kibithu close to the Line of Actual Control (LAC) in Anjaw district of Arunachal Pradesh on Thursday. As per the military sources said on Monday, Dec. 12, 2022, Indian and Chinese soldiers clashed at a location along the Line of Actual Control (LAC) in the Tawang sector of Arunachal Pradesh on December 9. (PTI Photo)(PTI12_12_2022_000309B)

India-China Border Clash Updates: जो खबरें आ रहीं हैं उसके अनुसार में 200 से अधिक चीनी सैनिक शामिल थे और वे डंडे और लाठियां लिए हुए थे और चीनी पक्ष की ओर घायलों की संख्या अधिक हो सकती हैं.

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India-China Border Clash Updates: भारतीय और चीनी सैनिक एक बार फिर एलएसी पर भिड़े. भारतीय जवानों ने चीनी सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब दिया और पीछे धकेला. जानकारी के अनुसार अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निकट एक स्थान पर नौ दिसंबर को झड़प हुई, जिसमें दोनों देश के जवान मामूल रूप से चोटिल हुए. बताया जा रहा है कि पूर्वी लद्दाख में दोनों पक्षों के बीच 30 महीने से अधिक समय से जारी सीमा गतिरोध के बीच पिछले शुक्रवार को संवेदनशील क्षेत्र में एलएसी (लाइन ऑफ एक्जुअल कंट्रोल) पर यांग्त्से के पास झड़प हुई.

भारतीय थलसेना ने एक बयान में कहा कि पीएलए (चीन की सेना) के सैनिकों के साथ तवांग सेक्टर में एलएसी पर नौ दिसंबर को झड़प हुई. हमारे सैनिकों ने चीनी सैनिकों का दृढ़ता से सामना किया. इस झड़प में दोनों पक्षों के कुछ जवानों को मामूली चोटें आईं. दोनों पक्ष तत्काल क्षेत्र से पीछे हट गये. इसके बाद हमारे कमांडर ने स्थापित तंत्रों के अनुरूप शांति बहाल करने के लिए चीनी समकक्ष के साथ ‘फ्लैग बैठक’ की. सेना के बयान में झड़प में शामिल सैनिकों और घटना में घायल हुए सैनिकों की संख्या का उल्लेख नहीं किया गया.

सेना ने क्या दी जानकारी

सेना के द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि तवांग सेक्टर में एलएसी पर क्षेत्रों को लेकर दोनों पक्षों की ‘‘अलग-अलग धारणा’’ है. हालांकि, एक सूत्र ने संकेत दिया कि इसमें 200 से अधिक चीनी सैनिक शामिल थे और वे डंडे और लाठियां लिए हुए थे और चीनी पक्ष की ओर घायलों की संख्या अधिक हो सकती हैं. लेकिन इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं है. सेना ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में तवांग सेक्टर में एलएसी से सटे अपने दावे वाले कुछ क्षेत्रों में दोनों पक्ष गश्त करते हैं. यह सिलसिला 2006 से जारी है.

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यहां चर्चा कर दें कि पूर्वी लद्दाख में रिनचेन ला के पास अगस्त 2020 के बाद से भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच यह पहली बड़ी झड़प है. जून 2020 में गलवान घाटी में भीषण संघर्ष के बाद भारत और चीन के बीच संबंधों में काफी तल्खी आ गयी थी. दोनों पक्षों ने एलएसी पर धीरे-धीरे हजारों सैनिकों और भारी हथियारों की तैनाती कर दी. पूर्वी लद्दाख गतिरोध के बाद, भारतीय सेना ने पूर्वी थिएटर में एलएसी पर अपनी अभियानगत क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाया है. पूर्वी थिएटर में बड़े पैमाने पर सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में एलएसी से लगते सीमावर्ती क्षेत्र शामिल हैं तथा सीमांत क्षेत्रों में तवांग और उत्तरी सिक्किम क्षेत्र सहित कई संवेदनशील अग्रिम स्थान हैं.

पीएलए की गतिविधियों की लगातार निगरानी

सैन्य अधिकारियों ने कहा कि सेना ने एक प्रभावी निगरानी तंत्र स्थापित किया है और पिछले दो वर्षों में क्षेत्रों की समग्र निगरानी में काफी सुधार हुआ है. सितंबर में, सेना की पूर्वी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता ने कहा था कि भारतीय सेना एलएसी पर पीएलए की गतिविधियों की लगातार निगरानी कर रही है और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. गौरतलब है कि पांच मई, 2020 को शुरू हुए पूर्वी लद्दाख गतिरोध के बाद भारत लगभग 3,500 किलोमीटर लंबी एलएसी के निकट बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी ला रहा है.

सीमा मुद्दे पर संसद में चर्चा चाहती है कांग्रेस

कांग्रेस ने भारतीय और चीनी सैनिकों की अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निकट झड़प की घटना को लेकर कहा कि सरकार को इस मामले पर संसद में चर्चा के माध्यम से देश को विश्वास में लेने की जरूरत है. इस मुद्दे पर मंगलवार को संसद में हंगामा होने के आसार हैं क्योंकि कांग्रेस के कई नेता संसद के दोनों सदनों में इस पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव लाने वाले हैं.

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एलएसी पर हुई घटना का भारत-चीन संबंधों पर प्रभाव होगा

अरुणाचल प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद तापिर गाओ ने कहा कि तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई ‘हिंसक झड़प’ दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित करेगी. उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि दोनों देशों की सरकारों को समस्याओं के समाधान के लिए मिलकर काम करना चाहिए.

हमारे जवान देश का गौरव हैं

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भारतीय और चीनी सैनिकों की अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निकट एक स्थान पर नौ दिसंबर को हुई झड़प को लेकर सोमवार को कहा कि ‘‘हमारे जवान देश का गौरव हैं.’’ इस घटना को लेकर केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘हमारे जवान देश की शान हैं। उनके शौर्य को मैं सलाम करता हूं और ईश्वर से उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं.’’

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