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PM Modi: मन की बात कार्यक्रम में PM मोदी ने कहा- इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र को कुचलने के किए गए प्रयास

Updated at : 26 Jun 2022 5:25 PM (IST)
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PM Modi: मन की बात कार्यक्रम में PM मोदी ने कहा- इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र को कुचलने के किए गए प्रयास

पीएम मोदी ने कहा, आपातकाल के समय भारत में लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया गया था. देश की अदालतों, सभी संवैधानिक संस्थाओं, प्रेस, सबको नियंत्रण में ले लिया गया था.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार को कांग्रेस (Congress) पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत में 1975 में लगाए गए आपातकाल (Emergency 1975) के दौरान लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया गया था. उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसा कोई और उदाहरण खोजना मुश्किल है, जहां लोगों ने लोकतांत्रिक तरीकों से तानाशाही मानसिकता को हराया. रेडियो पर प्रसारित अपने मन की बात कार्यक्रम में मोदी ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को भी सराहा. उन्होंने इन-स्पेस की स्थापना का जिक्र किया, जो अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों के लिए अवसरों को बढ़ावा दे रहा है.

आपातकाल की 47वीं बरसी

आपातकाल की 47वीं बरसी के एक दिन बाद उसके बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि उस दौरान जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता सहित सभी अधिकार छीन लिए गए थे तथा न्यायपालिका व मीडिया समेत सभी संस्थाओं पर शिकंजा कस दिया गया था. देश में 25 जून 1975 को आपातकाल लागू करने की घोषणा की गई थी, जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं. 21 मार्च 1977 को आपातकाल हटा लिया गया था. मोदी ने कांग्रेस का नाम लिए बगैर कहा, आपातकाल के दौरान सभी अधिकार छीन लिए गए थे. इन अधिकारों में संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार भी शामिल था.

जानिए पीएम मोदी ने किशोर कुमार पर क्या कहा

पीएम मोदी ने कहा, आपातकाल के समय भारत में लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया गया था. देश की अदालतों, सभी संवैधानिक संस्थाओं, प्रेस, सबको नियंत्रण में ले लिया गया था. उन्होंने कहा कि सेंसरशिप इतनी सख्त थी कि बिना मंजूरी के कुछ भी प्रकाशित नहीं किया जा सकता था. प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे याद है, जब प्रसिद्ध गायक किशोर कुमार जी ने सरकार की तारीफ करने से इनकार कर दिया था, तब उन्हें प्रतिबंधित कर दिया गया था, रेडियो पर उनके गाने बजने बंद हो गए थे. उन्होंने जोर देकर कहा कि कई प्रयासों, हजारों गिरफ्तारियों और लाखों लोगों पर अत्याचार के बावजूद लोकतंत्र में भारतीयों का विश्वास नहीं डगमगाया.

लोकतांत्रिक तरीकों से तानाशाही मानसिकता को हराया

मोदी ने कहा, सदियों से हमारे भीतर बसे लोकतांत्रिक मूल्यों, हमारी रगों में बहने वाली लोकतंत्र की भावना की आखिरकार जीत हुई. उन्होंने कहा कि भारत के लोगों ने लोकतांत्रिक तरीकों से आपातकाल से छुटकारा पाया और लोकतंत्र को बहाल कराया. प्रधानमंत्री ने कहा, लोकतांत्रिक तरीकों से तानाशाही मानसिकता को हराने का दुनिया में ऐसा उदाहरण मिलना मुश्किल है. उन्होंने कहा, “आपातकाल के दौरान मुझे भी देशवासियों के संघर्ष का साक्षी बनने और उसमें योगदान देने का सौभाग्य प्राप्त हुआ.

आपातकाल के काले दौर को ना भूले देश

आज जब देश अपनी आजादी के 75 वर्षों का जश्न मना रहा है, तब हमें आपातकाल के काले दौर को नहीं भूलना चाहिए. आने वाली पीढ़ियां भी इसे न भूलें. अंतरिक्ष क्षेत्र में जारी कार्यों के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि स्टार्ट-अप की संख्या अब सौ से अधिक हो गई है. उन्होंने कहा, “ये सभी स्टार्ट-अप उन विचारों पर काम कर रहे हैं, जिनके बारे में या तो पहले कभी सोचा नहीं गया था या फिर जिन्हें निजी क्षेत्र के लिए असंभव माना जाता था.

(इनपुट- भाषा)

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