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Coronavirus Lockdown : गृह मंत्रालय ने राज्‍यों से कहा, लॉकडाउन के दौरान अखबार सहित आवश्यक सेवाओं को न रोका जाए

By ArbindKumar Mishra
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नयी दिल्ली : केंद्र ने राज्य सरकारों से कोरोना वायरस से निपटने के लिए घोषित किये गये 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान आम लोगों के लिए आवश्यक सेवाओं का निर्बाध परिचालन एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है.

गृह सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रिंट मीडिया के लिए छूट के तहत अखबार आपूर्ति की व्यवस्था को भी इजाजत दी गयी है. राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को एक पत्र में भल्ला ने कहा कि बंद की अवधि के दौरान पैकेटबंद सामग्री सहित दुग्ध संग्रहण और वितरण की आपूर्ति शृंखला को भी अनुमति दी गयी है. उन्होंने बताया कि हैंडवाश, साबुन, मुंह धोने वाली सामग्री जैसे साफ-सफाई के सामान, बैटरी और चार्जर की भी अनुमति दी गयी है. इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की सेवाओं को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की व्यवस्था में शामिल किया गया है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और डीजीपी से कहा कि सभी राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश कोविड-19 से निपटने के लिए बंद और निषेधाज्ञा के जरिए सामाजिक दूरी को सुनिश्चित करें. इस दौरान राज्य के भीतर एवं बाहर आवश्यक सेवाओं एवं वस्तुओं के आवागमन और आपूर्ति शृंखला के लिए छूट दी जाएगी.

केंद्रीय गृह सचिव, अजय भल्ला ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (संघ शासित प्रदेशों) के मुख्य सचिवों को केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में उठाए गए कदमों को स्पष्ट करने का निर्देश दिया. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अखबार आपूर्ति की व्यवस्था को भी अनुमति प्रदान की गयी है. गृह मंत्रालय ने कहा, इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की सेवाओं को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की व्यवस्था में शामिल किया गया है. मंत्रालय ने कहा, लॉकडाउन के दौरान जरूरी और गैरजरूरी में भेद किए बिना सभी सामनों की आवाजाही की अनुमति दी गयी है.

मंत्रालय ने कहा कि लॉकडाउन को सफलतापूर्वक लागू करना आवश्यक है लेकिन इसके साथ ही आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता के लिए आवश्यक सभी सेवाओं एवं वस्तुओं संबंधी विनिर्माण, प्रसंस्करण, परिवहन, वितरण, भंडारण, कारोबार एवं साजो सामान के लिए आवश्यक निर्बाध परिचालन सुनिश्चित करना भी जरूरी है.

जमीनी स्तर पर इन प्रावधानों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर राज्य/केंद्रशासित प्रदेश में (राज्य/जिला स्तर पर) चौबीसों घंटे काम करने वाला नियंत्रण कक्ष/कार्यालय स्थापित करने और हेल्पलाइन सेवा शुरू करने की आवश्यकता है ताकि अंतरराज्यीय आवागमन के दौरान होने वाली समस्या समेत सेवाओं के प्रदाताओं के सामने आने वाली हर प्रकार की दिक्कतों को दूर किया जा सके. गौरतलब है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए मंगलवार को देशभर में 21 दिन के बंद की घोषणा की थी.

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