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बाबुल सुप्रियो: 'भाजपा का साथ छोड़ते वक्त मन दुखी है', सांसद के तौर पर इस्तीफा देने के बाद ने कही ये बात

बाबुल सुप्रियो ने कहा कि सुवेंदु अधिकारी कुछ महीने पहले टीएमसी का अभिन्न हिस्सा थे. राजनीति से इतर वे मेरे दोस्त रहे हैं, जाहिर तौर पर उन्हें राजनीतिक तौर पर मेरे बारे में बहुत कटु बातें करनी पड़ती हैं.

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
सांसद के तौर पर बाबुल सुप्रियो का इस्तीफा
सांसद के तौर पर बाबुल सुप्रियो का इस्तीफा
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लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला को सांसद के तौर पर इस्तीफा सौंपने के बाद टीएमसी नेता बाबुल सुप्रियो ने पत्रकारों से बात की. उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के लिए मैंने 7 साल मेहनत की तो पार्टी छोड़ते वक्त दिल व्यथित था. मैं PM नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जे.पी. नड्डा और राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त करता हूं. उन्हें मुझमे आत्मविश्वास नजर आया. मैंने सोचा कि अगर मैं पार्टी का हिस्सा नहीं हूं, तो मुझे अपने लिए सीट नहीं रखनी चाहिए.

आगे बाबुल सुप्रियो ने कहा कि सुवेंदु अधिकारी कुछ महीने पहले टीएमसी का अभिन्न हिस्सा थे. राजनीति से इतर वे मेरे दोस्त रहे हैं, जाहिर तौर पर उन्हें राजनीतिक तौर पर मेरे बारे में बहुत कटु बातें करनी पड़ती हैं. लेकिन उन्हें अपने पिता और भाई को एमपी की सीटों से इस्तीफा देने की सलाह देनी चाहिए क्योंकि वे अब टीएमसी का हिस्सा नहीं हैं.

सुप्रियो ने मांगा था वक्त

आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व नेता बाबुल सुप्रियो ने मंगलवार को औपचारिक रूप से संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के कुछ सप्ताह बाद एक ट्वीट में यह जानकारी दी थी. पश्चिम बंगाल में आसनसोल से दो बार के सांसद सुप्रियो ने राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के दो दिन बाद 20 सितंबर को ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद सदस्य के रूप में औपचारिक रूप से इस्तीफा देने के लिए समय दिए जाने का अनुरोध किया था. इसके बाद उन्हें आज का वक्त मिला था.

सुप्रियो ने भाजपा के साथ अपने अतीत की याद दिलाई

इससे पहले सुप्रियो ने अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए उन्हें भाजपा के साथ अपने अतीत की याद दिलाई. उन्होंने कहा कि बस एक सवाल 'एम्प्लॉयड ट्रोल' से पूछना चाहता हूं, जो निश्चित तौर पर अपने घरों से मुझ पर हमला बोल रहे हैं. आप लोग उस समय कहां थे जब मैं 2014 से भाजपा के लिए लड़ रहा था? अपनी अंतरात्मा से सवाल करें कि किसने किसकी पीठ में छुरा घोंपा... जब तक जरूरत नहीं हो, मैं सोशल मीडिया में कुछ भी पोस्ट नहीं करता. सिर्फ पहले की दो टिप्पणियां पढ़ लें.

Posted By : Amitabh Kumar

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