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Health: सिकल सेल एनीमिया के लिए दवा के विकास का काम होगा तेज

Updated at : 19 Jun 2025 6:45 PM (IST)
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Health: सिकल सेल एनीमिया के लिए दवा के विकास का काम होगा तेज

केंद्र सरकार ने सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित मरीजों के लिए देश में 15 अस्पतालों में सेंटर ऑफ कंपीटेंस शुरू किया है, जिसमें एम्स भी शामिल है. यह योजना इस साल नवंबर महीने से शुरू हो जाएगी और मरीजों को सभी तरह की सुविधा मिल सकेगी. मौजूदा समय में सिकल सेल एनीमिया के लिए सिर्फ एक दवा उपलब्ध है. ऐसे में मरीजों के पास दवा चुनने का विकल्प नहीं है. ऐसी दवा का विकास होना चाहिए जो मरीज की जरूरतों को पूरा कर सके. मंत्रालय और एम्स दवा के विकास के लिए मिलकर काम करेगा.

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Health: सरकार ने वर्ष 2047 तक देश को सिकल सेल एनीमिया से मुक्त करने का लक्ष्य तय किया है. सिकल सेल एनीमिया से देश को मुक्त करने के लिए फंड की कमी नहीं होगी. केंद्रीय आदिवासी मामलों का मंत्रालय सभी हितधारकों के साथ मिलकर इस रोग को खत्म करने की दिशा में काम कर रहा है. सिकल सेल का पता लगाने के लिए स्क्रीनिंग, टेस्टिंग व्यापक स्तर पर की जा रही है. दिल्ली एम्स में अंतर्राष्ट्रीय सिकल सेल डे पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय आदिवासी मामलों के राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने एक जुलाई 2023 को सिकल सेल से देश को मुक्त कराने के अभियान की घोषणा की थी.

प्रधानमंत्री के विजन को साकार करने के लिए मंत्रालय अन्य विभागों के साथ मिलकर काम कर रही है. सिकल सेल की चुनौती से निपटना सिर्फ मेडिकल पेशेवरों के लिए चुनौती नहीं है बल्कि यह देश के आदिवासी समुदाय को सामाजिक न्याय मुहैया कराने का आंदोलन भी है. मेडिकल पेशेवरों को प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने के लिए आगे आकर काम करना होगा. सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित लोगों को सभी तरह की दवा मुफ्त में मुहैया कराने का काम सरकार की ओर से किया जा रहा है.

 
  
सिकल सेल एनीमिया से निपटने के लिए नये दवा की खोज जरूरी


केंद्रीय आदिवासी मामलों के सचिव विभू नायर ने कहा कि केंद्र सरकार ने सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित मरीजों के लिए देश में 15 अस्पतालों में सेंटर ऑफ कंपीटेंस शुरू किया है, जिसमें एम्स भी शामिल है. यह योजना इस साल नवंबर महीने से शुरू हो जायेगी और मरीजों को सभी तरह की सुविधा मिल सकेगी. उन्होंने मेडिकल पेशेवरों से आदिवासियों के स्वास्थ्य को लेकर मेडिकल कोर्स शुरू करने पर जोर देने की अपील की. दिल्ली एम्स में आदिवासियों के स्वास्थ्य को लेकर सेंटर खोलने की योजना है. यह सेंटर देश के सभी अस्पतालों को मदद मुहैया कराने का काम करेगा.आदिवासी समाज में कुपोषण एक बड़ी समस्या है. सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद कुपोषण समस्या बनी हुई है.

उन्होंने कहा कि दवा के क्षेत्र में देश ने काफी विकास किया है. इससे साबित होता है कि देश में प्रतिभा की कमी नहीं है. ऐसे में सरकार ने ड्रग डेवलपमेंट पुरस्कार गठित करने का फैसला किया है, जिसके तहत एक से 10 करोड़ का पुरस्कार दिया जायेगा. मौजूदा समय में सिकल सेल एनीमिया के लिए सिर्फ एक दवा उपलब्ध है. ऐसे में मरीजों के पास दवा चुनने का विकल्प नहीं है. ऐसी दवा का विकास होना चाहिए जो मरीज की जरूरतों को पूरा कर सके. मंत्रालय और एम्स दवा के विकास के लिए मिलकर काम करेगा.  

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Vinay Tiwari

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By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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