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Happy Ram Navami 2020, Images, Wishes, Chaupai, Quotes in Hindi: जन्म भयो राम लला की... मनाओ खुशियां, शेयर करो शुभकामना

Updated at : 02 Apr 2020 11:02 AM (IST)
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Happy Ram Navami 2020, Images, Wishes, Chaupai, Quotes in Hindi: जन्म भयो राम लला की... मनाओ खुशियां, शेयर करो शुभकामना

happy ram navami 2020, wishes, Images, Quotes, SMS, Mantras, Chaupai, Gif, Photos, messages in sanskri and hindi: रामायण और रामचरितमानस हिन्दू संस्कृति के दो ऐसे प्रमुख ग्रन्थ हैं जो लगभग हर घर में अनिवार्य रुप से पाया जाता है. श्रीराम के जीवनवृत पर आधारित श्रद्धा से जुडी होने के कारण इनका महत्व और बढ़ जाता है.वाल्मीकि रामायण संस्कृत का महाकाव्य है जिसमे वाल्मीकि ने राम को एक मानव के रूप में ही चित्रित किया है जबकि रामचरितमानस में तुलसीदास ने श्रीराम को भगवान के अवतार के रूप में दिखाया है. इन संदेशों को आज अपने जीवन में उतारने की जरुरत है. ताकि यह रामनवमी आपके जीवन को एक नई और सफल दिशा दे.

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Happy Ram navami 2020, Wishes, Images, Quotes, Mantras, SMS, Chaupai, Gif, Photos: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, रामनवमी Ram Navami 2020 का त्यौहार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी मनाया जाता है. हिंदू धर्मशास्त्रों में इस बात का जिक्र है कि इस दिन मर्यादा-पुरूषोत्तम भगवान श्री राम का जन्म हुआ था.हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को राम नवमी Ram Navami 2020 का पर्व मनाया जाता है.हिन्दु धर्म शास्त्रों के अनुसार त्रेतायुग में रावण का वध करने तथा धर्म की पुन: स्थापना करने के लिये भगवान विष्णु ने मृत्यु लोक में श्री राम के रूप में अवतार लिया था. श्रीरामचन्द्र का जन्म चैत्र शुक्ल की नवमी तिथि के दिन पुनर्वसु नक्षत्र तथा कर्क लग्न में रानी कौशल्या की कोख से, अयोध्या में राजा दशरथ के घर में हुआ था. इसी उमंग में राम नवमी के दिन देश भर में राम जन्मोत्सव का त्योहार रामनवमी मनाया जाता है.इस वर्ष राम नवमी Ram Navami 02 अप्रैल 2020 दिन गुरुवार को है. चैत नवरात्र के नवें दिन की नवमी पूजन के साथ नवरात्र का आज रामनवमीं पूजा के साथ ही समापन होगा.इस शुभ अवसर पर आप भी अपने शुभचितकों को रामायण और रामचरितमानस की इन चौपाइयों के माध्यम से शुभकामना संदेश भेजें.

बिनु सत्संग विवेक न होई। राम कृपा बिनु सुलभ न सोई।।

सठ सुधरहिं सत्संगति पाई। पारस परस कुघात सुहाई।।

अर्थ : सत्संग के बिना विवेक नहीं होता और राम जी की कृपा के बिना वह सत्संग नहीं मिलता, सत्संगति आनंद और कल्याण की जड़ है। दुष्ट भी सत्संगति पाकर सुधर जाते हैं जैसे पारस के स्पर्श से लोहा सुंदर सोना बन जाता है।

Happy Ram Navami 2020

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अति अपार जे सरित बर जून नृप सेतु कराहीं .

चढ़ी पिपिलिकउ परम लघु बिनु श्रम पारहि जाहिं..

अर्थ : जो अत्यंत श्रेष्ठ नदियाँ हैं , यदि राजा उनपर पुल बंधा देता है तो अत्यंत छोटी चीटियाँ भी उन पर चढ़कर बिना परिश्रम के पार चली जाती हैं

Happy Ram Navami 2020

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धूम कुसंगति कारिख होई ।

लिखिअ पुरान मंजू मसि सोई ॥

सोई जल अनल अनिल संघाता ।

होई जलद जग जीवन दाता ॥

अर्थ :कुसंग के कारण धुंआ कालिख कहलाता है ,वही धुंआ सुन्दर स्याही होकर पुराण लिखने के काम आता है और वही धुंआ जल , अग्नि और पवन के संग मिलकर बादल होकर जगत में जीवन देने वाला बन जाता है .

Happy Ram Navami 2020

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निज कवित्त कही लाग न नीका ।

सरस होई अथवा अति फीका ।।

जे पर भनिति सुनत हरषाहीं ।

ते बर पुरुष बहुत जग नाहिं ॥

अर्थ : रसीली हो या फीकी अपनी कविता किसे अच्छी नहीं लगती किन्तु जो दूसरे की रचना को सुनकर हर्षित होते हैं , ऐसे उत्तम पुरुष (व्यक्ति ) जगत में बहुत नहीं हैं …

Happy Ram Navami 2020

जेहि पर कृपा करहिं जनुजानी।

कवि उर अजिर नचावहिं बानी।।

मोरि सुधारहिं सो सब भांती।

जासु कृपा नहिं कृपा अघाती।।

अर्थ : वे मेरा सब तरह से सुधार लेंगे, जो कृपा करने से नहीं अघाते। राम से उत्तम स्वामी और मुझ सरीखा बुरा सेवक! इतने पर भी उन दयानिधि ने अपनी ओर देखकर मेरा पालन किया है।

Happy Ram Navami 2020

फूलहिं फरहिं सदा तरु कानन।

रहहिं एक सँग गज पंचानन॥

खग मृग सहज बयरु बिसराई।

सबन्हि परस्पर प्रीति बढ़ाई॥

अर्थ :वनों में वृक्ष सदा फूलते और फलते हैं. हाथी और सिंह एक साथ रहते हैं.पक्षी और पशु सभी ने स्वाभाविक बैर भुलाकर आपस में प्रेम बढ़ा लिया है.

Happy Ram Navami 2020

चारिउ चरन धर्म जग माहीं।

पूरि रहा सपनेहुँ अघ नाहीं॥

राम भगति रत नर अरु नारी।

सकल परम गति के अधिकारी॥

अर्थ : धर्म अपने चारों चरणों (सत्य, शौच, दया और दान) से जगत्‌ में परिपूर्ण हो रहा है, स्वप्न में भी कहीं पाप नहीं है. पुरुष और स्त्री सभी रामभक्ति के परायण हैं और सभी परम गति (मोक्ष) के अधिकारी हैं.

Happy Ram Navami 2020

जेहि बिधि कृपासिंधु सुख मानइ।

सोइ कर श्री सेवा बिधि जानइ॥

कौसल्यादि सासु गृह माहीं।

सेवइ सबन्हि मान मद नाहीं॥

अर्थ : कृपासागर श्री रामचंद्रजी जिस सेवा को सुख मानते हैं, श्री जी वही करती हैं, क्योंकि वे सेवा की विधि को जानने वाली हैं. घर में कौशल्या आदि सभी सासुओं की सीताजी सेवा करती हैं, उन्हें किसी बात का अभिमान और मद नहीं है.

Happy Ram Navami 2020

https://www.youtube.com/watch?v=QsiC9fm1F04&feature=youtu.be

श्री राम जय राम जय जय राम । श्री रामचन्द्राय नमः ।

राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्त्र नाम तत्तुन्यं राम नाम वरानने।।

Happy Ram Navami 2020

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ThakurShaktilochan Sandilya

लेखक के बारे में

By ThakurShaktilochan Sandilya

डिजिटल मीडिया का पत्रकार. प्रभात खबर डिजिटल की टीम में बिहार से जुड़ी खबरों पर काम करता हूं. प्रभात खबर में सफर की शुरुआत 2020 में हुई. कंटेंट राइटिंग और रिपोर्टिंग दोनों क्षेत्र में अपनी सेवा देता हूं.

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