गुलाम नबी आजाद करेंगे 'कांग्रेस मुक्त' जम्मू-कश्मीर ? सेक्युलर पार्टी का होगा गठन

**EDS: FILE PHOTO**New Delhi: In this Oct. 14, 2019 file photo, senior Congress leader Ghulam Nabi Azad with party leader Rahul Gandhi in Nuh district. Azad resigned from all party positions, including its primary membership, on Friday, Aug. 26, 2022. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI08_26_2022_000052A)
जम्मू-कश्मीर में जब भी चुनाव कराया जाएगा, आजाद पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा होंगे. इस संबंध में हमारे बीच बातचीत चल रही है. आजाद अगले 20 दिनों के अंदर एक राष्ट्रीय पार्टी का गठन करने जा रहे हैं. पूर्व मंत्री जीएम सरूरी ने कहा
कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद गुलाम नबी आजाद का रुख क्या होगा इसका सभी को इंतजार है. हालांकि वे कह चुके हैं कि वे नयी पार्टी का गठन करेंगे. इस बीच आजाद के करीबी माने जाने वाले पूर्व मंत्री जीएम सरूरी का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद अगले 20 दिनों में एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल का गठन करेंगे. जब भी चुनाव होंगे वे जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे.
यहां चर्चा कर दें कि गुलाम नबी आजाद ने पिछले दिनों कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में राहुल गांधी पर कई तरह के आरोप लगाये थे. आजाद के इस्तीफे के बाद जीएम सरूरी सहित जम्मू-कश्मीर के कई नेताओं ने एक साथ पार्टी छोड़ दी. सरूरी ने कहा कि गुलाम नबी आजाद में जिस पार्टी का भी गठन होगा…वो सेक्युलर पार्टी होगी.
हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए सरूरी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में जब भी चुनाव कराया जाएगा, आजाद पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा होंगे. इस संबंध में हमारे बीच बातचीत चल रही है. आजाद अगले 20 दिनों के अंदर एक राष्ट्रीय पार्टी का गठन करने जा रहे हैं. यह एक धर्मनिरपेक्ष यानी सेक्युलर पार्टी होगी, जो हमारी विचारधारा है. हम सभी इसी विचारधारा के लिए उनके साथ जुड़े हैं. हालांकि गुलाम नबी आजाद का इस संबंध में अभी तक कोई बयान सामने नहीं आया है.
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एक बात जो और सामने आ रही है उसके अनुसार कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रमुख पद के लिए सरूरी की उम्मीदवारी की अनदेखी की जा रही थी. इसके बजाय विकार रसूल को तरजीह दी जा रही थी. यह भी गुलाम नबी आजाद के कांग्रेस छोड़ने का एक कारण बताया जा रहा है.
कांग्रेस पर हमला करते हुए सरूरी ने कहा कि गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे से जम्मू-कश्मीर कांग्रेस से पलायन शुरू हो चुका है. आज़ाद के साथ 1,500 से अधिक नेता और कार्यकर्ता अस चुके हैं. आने वाले दिनों में कई और लोग हमारे साथ जुड़ेंगे. आने वाले समय में कांग्रेस मुक्त जम्मू-कश्मीर देखने को मिलेगा. जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस के पास कुछ नहीं बचेगा.
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